
गोरखपुर, 4 अक्टूबर 2026:
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी के साथ कल हुई मारपीट और थप्पड़ कांड ने अब राजनीतिक रंग ले लिया है। विपक्षी दल की बैठक में हुए इस विवाद को लेकर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने सपा पर सीधा हमला बोला है। उन्होंने घटना को निषाद समाज के अपमान से जोड़ते हुए सपा मुखिया अखिलेश यादव से कार्रवाई की मांग की है।
कुर्सी को लेकर शुरू हुआ विवाद, प्रेस वार्ता में मची अफरा-तफरी
मामला गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में आयोजित समाजवादी पार्टी की प्रेस वार्ता का है। यहां लोकतंत्र बचाओ सप्ताह और ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान को लेकर पार्टी नेता मीडिया से बातचीत कर रहे थे। इसी दौरान बैठने की जगह को लेकर विवाद शुरू हो गया। प्रेस वार्ता का आयोजन सपा जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम की ओर से किया गया था। कार्यक्रम में सपा महानगर अध्यक्ष शब्बीर कुरैशी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रहलाद यादव, पूर्व जिलाध्यक्ष अवधेश यादव, पूर्व विधायक विजय बहादुर यादव, काजल निषाद, संजय पहलवान, पूर्व दर्जा प्राप्त मंत्री डॉ. मोहसिन, जय प्रकाश यादव, रणजीत पासवान समेत कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे।

अंशुमान सिंह के बेटे के पहुंचने के बाद बढ़ा विवाद
बताया गया कि सपा नेता अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश सिंह प्रेस क्लब पहुंचे और काजल निषाद के बगल में बैठने की कोशिश की। जगह नहीं होने को लेकर उनकी पूर्व जिलाध्यक्ष राम नगीना साहनी से बातचीत हुई। देखते ही देखते कहासुनी बढ़ गई और मामला हाथापाई तक पहुंच गया। आरोप है कि इसी दौरान राम नगीना साहनी के साथ मारपीट की गई और उन्हें थप्पड़ मारा गया। मौके पर मौजूद नेताओं ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया। विवाद के चलते प्रेस वार्ता भी प्रभावित हुई। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है।
सपा जिलाध्यक्ष ने बताया निंदनीय, पुलिस भी पहुंची
घटना के बाद सपा जिलाध्यक्ष बृजेश कुमार गौतम ने इसे निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी जाएगी और इस तरह की घटना करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जाएगी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। हालांकि बताया जा रहा है कि एफआईआर दर्ज कराई गई है लेकिन इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

निष्कासन का पत्र वायरल, अंशुमान सिंह ने दी ये सफाई
इस प्रकरण में पार्टी राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य अरविंद कुमार सिंह का एक पत्र भी वायरल हुआ है। इसमें अंशुमान सिंह के निष्कासन की बात कही गई हैं। वहीं अंशुमान ने ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि जिस सीट पर भाजपा की लहर थी, वहां उन्होंने भाजपा को सोचने पर मजबूर किया है और इसी वजह से नगीना साहनी परेशान हैं। उन्होंने पूरे विवाद को अपनी राजनीतिक छवि से जोड़ते हुए नगीना साहनी पर आरोप लगाए और कहा कि घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने अखिलेश यादव को दिया अल्टीमेटम
अब इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने सपा पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि राम नगीना साहनी लंबे समय से समाजवादी पार्टी के साथ जुड़े रहे हैं और गोरखपुर में पार्टी के शुरुआती दौर में निषाद समाज की भूमिका रही है। संजय निषाद ने कहा कि कुर्सी पर बैठने को लेकर किसी पार्टी नेता के साथ मारपीट किया जाना बेहद निंदनीय है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव ने आरोपी नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने और घटना की निंदा करने की कार्रवाई नहीं की तो वह समाजवादी पार्टी कार्यालय का घेराव करेंगे।
जब सपा को आदमी नहीं मिलते थे तो निषाद समाज ने दिया था साथ
‘गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राम नगीना साहनी के साथ समाजवादी पार्टी के दबंग नेता अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश सिंह और उनके समर्थकों द्वारा थप्पड़ और मारपीट करने के मामले से स्तब्ध हूं। क्या कुर्सी पर बैठने का अधिकार केवल सामंतवादियों का ही है? राम नगीना साहनी समाजवादी पार्टी का झंडा और डंडा तब से उठा रहे हैं, जब गोरखपुर में समाजवादी पार्टी को आदमी नहीं मिलता था। यादव भी समाजवादी पार्टी का झंडा नहीं उठाना चाहता था, तब निषाद समाज के लोगों ने झंडा उठाया था।
आज गोरखपुर में समाजवादी पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष श्री राम नगीना साहनी के साथ समाजवादी पार्टी के दबंग नेता अंशुमान सिंह के पुत्र कमलेश सिंह और उनके समर्थकों द्वारा थप्पड़ और मारपीट करने के मामले से स्तब्ध हूँ।
क्या कुर्सी पर बैठने का अधिकार केवल सामंतवादियों का ही है? राम नगीना साहनी जी समाजवादी पार्टी का झंडा और डंडा तब से उठा रहे हैं, जब गोरखपुर में समाजवादी पार्टी को आदमी नहीं मिलता था। यादव भी समाजवादी पार्टी का झंडा नहीं उठाना चाहता था, तब निषाद समाज के लोगों ने झंडा उठाया था।
आज कुर्सी पर बैठने को लेकर थप्पड़ और मारपीट कर देना निंदनीय और अत्यंत अफसोसजनक है।
मैं कल तक समाजवादी पार्टी के मुखिया श्री अखिलेश यादव जी को समय देता हूँ। या तो वे अपने दबंग नेता पर मुकदमा करवाएँ और इस कृत्य की भर्त्सना करें, अन्यथा मैं परसों समाजवादी पार्टी कार्यालय का घेराव करने आ रहा हूँ।निषाद समाज को भी इस घटना से सीख लेनी चाहिए कि जो निषाद नेता बीते दिनों से कैंडल मार्च और घड़ियाली आँसू बहा रहे थे कि भाजपा के साथ जाकर निषाद पार्टी ने क्या किया, मैं आज गर्व से कहता हूँ—किसी भाजपा नेता ने निषाद समाज के आदमी को थप्पड़ तो नहीं मारा।
— Dr. Sanjay Kumar Nishad (@drsanjayknishad) October 3, 2026
निषाद समाज इससे सबक लें, अखिलेश दबंग नेता पर कराएं FIR वरना सपा दफ्तर का होगा घेराव
आज कुर्सी पर बैठने को लेकर थप्पड़ और मारपीट करमें के इस मामले में समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव अपने दबंग नेता पर मुकदमा करवाएं और इस कृत्य की भर्त्सना करें, अन्यथा समाजवादी पार्टी कार्यालय का घेराव करने आ रहा हूं। निषाद समाज को भी इस घटना से सीख लेनी चाहिए कि जो निषाद नेता बीते दिनों से कैंडल मार्च और घड़ियाली आंसू बहा रहे थे कि भाजपा के साथ जाकर निषाद पार्टी ने क्या किया, मैं आज गर्व से कहता हूं किसी भाजपा नेता ने निषाद समाज के आदमी को थप्पड़ तो नहीं मारा।’






