
लखनऊ, 4 अक्टूबर 2026:
नवाबी शहर लखनऊ की सड़कों पर रविवार सुबह कुछ अलग ही नजारा देखने को मिला। सड़क पर जब चमचमाती विंटेज कारों का काफिला निकला तो राहगीरों की निगाहें ठहर गईं। कोई इन ऐतिहासिक कारों को निहारता रहा तो कोई उनके साथ सेल्फी लेने में जुट गया। खास बात यह रही कि रैली में वह शेवरोलेट मास्टर डीलक्स भी शामिल थी, जिसे ‘गदर’ फिल्म की शूटिंग के दौरान अभिनेता अमरीश पुरी ने इस्तेमाल किया था।

दरअसल, मौका था स्तन कैंसर के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए आयोजित ‘पिंक वेव-2026’ वॉकथॉन का। 500 से अधिक महिलाओं ने पिंक ड्रेस, पिंक टी-शर्ट, कैप और रिबन पहनकर वीमेन पावर लाइन 1090 चौराहे से फूड वैली, समतामूलक चौराहा होते हुए वापस 1090 चौराहे तक वॉक की। इस अभियान में छात्राओं, डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम नागरिकों ने भी हिस्सा लिया। इसके साथ ही विंटेज कार रैली के जरिए भी कैंसर जागरूकता का संदेश शहर तक पहुंचाया गया।
चमचमाती कारों पर टिकीं निगाहें
रैली में एक दर्जन से अधिक विंटेज कारें शामिल हुईं। ‘Drive the Message Through Lucknow’ संदेश के साथ निकली इस रैली ने लोगों का ध्यान खींचा। पुरानी लेकिन बेहद खूबसूरत कारों को देखकर बच्चे और बड़े उत्साहित नजर आए। कई लोगों ने कार मालिकों से उनके इतिहास और रखरखाव के बारे में जानकारी ली।
21वें जन्मदिन पर मिली थी ‘गदर’ वाली कार
रैली में शेवरोलेट मास्टर डीलक्स लेकर पहुंचे केशव माथुर ने बताया कि यह 1939 मॉडल की कार है। उनके पिता ने 21वें जन्मदिन पर उन्हें यह कार उपहार में दी थी। इसे राजा सलेमपुर से खरीदा गया था। उन्होंने बताया कि यही कार ‘गदर’ फिल्म की शूटिंग के दौरान अमरीश पुरी के इस्तेमाल में रही थी।

लंदन से मंगवाने पड़ते हैं पार्ट्स
नितिन 1951 मॉडल की ब्रिटिश कार मॉरिस लेकर रैली में पहुंचे। उन्होंने बताया कि करीब 75 साल पुरानी इस कार को संभालना किसी घर के बुजुर्ग की देखभाल जैसा है। इसके कई पार्ट्स भारत में नहीं मिलते, इसलिए जरूरत पड़ने पर लंदन से मंगवाने पड़ते हैं। निजी मैकेनिक हर सप्ताह कार को स्टार्ट करने के साथ उसके सभी पार्ट्स की जांच करते हैं।

कार्यक्रम में SGPGI के विशेषज्ञों ने स्तन कैंसर की समय पर पहचान और नियमित जांच पर जोर दिया। विशेषज्ञों के मुताबिक समय पर पहचान होने पर 90 प्रतिशत से अधिक मामलों में सफल उपचार संभव है। 40 वर्ष की उम्र के बाद नियमित मैमोग्राफी और सेल्फ एग्जामिनेशन को भी महत्वपूर्ण बताया गया। रैली में शामिल लोगों ने कैंसर से डरने के बजाय समय पर जांच और उपचार कराने का संदेश दिया।






