रविदास जयंती : ‘समरसता संकल्प’ से साधेंगे समाज की एकजुटता, संदेश को घर-घर पहुंचाएगी बीजेपी
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने भाजपा प्रदेश कार्यालय में पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ की बैठक, कहा- अभियान के चौथे चरण की यात्रा के उत्तराखंड पहुंचने पर किया जाए भव्य स्वागत, संत की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक

राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 5 अक्टूबर 2026ः
संत शिरोमणि गुरु रविदास की 650वीं जयंती के अवसर पर भाजपा ने उत्तराखंड में ‘समरसता संकल्प अभियान’ को व्यापक जनभागीदारी के साथ आगे बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। सोमवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय में आयोजित बैठक में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष लाल सिंह आर्य ने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को अभियान की रूपरेखा बताते हुए समाज के प्रत्येक वर्ग को इससे जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जयंती के अवसर पर ‘समरसता संकल्प अभियान’ के चौथे चरण की यात्रा विभिन्न राज्यों से होकर उत्तराखंड पहुंचेगी।
लाल सिंह आर्य ने कहा कि यह अभियान महज एक आयोजन नहीं, बल्कि संत रविदास जी के समानता, सामाजिक न्याय, भाईचारे और मानवता के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि यात्रा के उत्तराखंड पहुंचने पर संत समाज, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों और समाज के सभी वर्गों की सहभागिता सुनिश्चित करते हुए इसका भव्य स्वागत किया जाए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचकर संत रविदास के विचारों को जन-जन तक पहुंचाएं। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि संत रविदास की शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। उन्होंने समाज को समानता, सम्मान, सहयोग और भाईचारे का मार्ग दिखाया। उन्होंने कहा कि मजबूत राष्ट्र और सशक्त समाज की नींव तभी मजबूत हो सकती है, जब समाज का प्रत्येक वर्ग परस्पर सम्मान व सद्भाव के साथ आगे बढ़े।

बैठक में राज्यमंत्री एवं भाजपा प्रदेश अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष बलवीर घुनियाल, देवप्रयाग विधायक विनोद कंडारी, घनसाली विधायक शक्तिलाल शाह, विधायक मुन्ना सिंह चौहान, विधायक बृजभूषण गैरोला, प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार, महामंत्री दीपित रावत, देहरादून महानगर, देहरादून ग्रामीण, हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की, टिहरी एवं कोटद्वार क्षेत्रों के विधायक, अनुसूचित जाति मोर्चा के पदाधिकारी, नगर निगम महापौर, नगर पालिका एवं नगर पंचायत अध्यक्ष, विभिन्न जिलों के जिलाध्यक्ष, मीना गंगोला, विनोद कुमार, स्वराज विद्वान, देशराज आदि मौजूद रहे।






