UP News: दंडवत हुए 68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थी, मंत्री आवास पर अनोखा प्रदर्शन, आरक्षण विसंगति दूर करने की मांग
पांच हफ्तों से लखनऊ में आंदोलनरत अभ्यर्थी बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह से मिलने पहुंचे, घंटों इंतजार के बाद नहीं हुई मुलाकात, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट लागू करने की मांग

लखनऊ, 7 अक्टूबर 2026:
68,500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण संबंधी विसंगतियों का मुद्दा बुधवार को एक बार फिर राजधानी लखनऊ में गरमा गया। पिछले पांच सप्ताह से धरना-प्रदर्शन और घेराव कर रहे अभ्यर्थियों ने अपनी मांगों की ओर सरकार का ध्यान आकर्षित करने के लिए इस बार अनोखा तरीका अपनाया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रदेश के बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के आवास पर पहुंचे और दंडवत प्रणाम की मुद्रा में प्रदर्शन कर न्याय की गुहार लगाई। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर पुलिस बल की तैनाती की गई।
अभ्यर्थियों का कहना है कि प्रशासन की ओर से उन्हें आश्वासन दिया गया था कि उनकी समस्याओं को लेकर शिक्षा मंत्री से मुलाकात कराई जाएगी। इसी भरोसे के बाद वे बुधवार को मंत्री के आवास पहुंचे। अभ्यर्थी काफी देर तक मुलाकात का इंतजार करते रहे लेकिन शाम करीब चार बजे तक उनकी मंत्री से मुलाकात नहीं हो सकी। इसके बाद प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।

आंदोलन में शामिल तूफान सिंह ने आरोप लगाया कि 68500 शिक्षक भर्ती में आरक्षण के नियमों का समुचित पालन नहीं किया गया। इसके चलते बड़ी संख्या में अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं। उनका कहना है कि इस विसंगति को दूर कराने के लिए अभ्यर्थी लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं लेकिन अब तक ठोस समाधान नहीं निकला।
आंदोलन की अगुवाई करने वालों में शामिल आशुतोष वर्मा ने कहा कि 68500 शिक्षक भर्ती मामले में राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग आरक्षण नियमों के अनुपालन को लेकर स्पष्ट निर्देश दे चुका है। इसके बावजूद संबंधित विभाग के अधिकारी आयोग की रिपोर्ट को लागू नहीं कर रहे हैं और मामला लगातार लंबित है।
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग की रिपोर्ट को तत्काल लागू किया जाए। आरक्षण विसंगति का समाधान कर प्रभावित अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता तब तक लखनऊ में उनका आंदोलन जारी रहेगा।






