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योगी कैबिनेट की मंजूरी 12 साल बाद भदोही के नाम में फिर जुड़ेंगे संत रविदास, ये होगा पूरा नाम

दलित समाज के आराध्य संत रविदास का नाम दोबारा जुड़ेगा, भदोही की ऐतिहासिक पहचान भी रहेगी बरकरार, 1997 में मायावती सरकार ने रखा था संत रविदास नगर नाम, 2014 में अखिलेश सरकार ने हटाया था संत रविदास का नाम

लखनऊ, 9 अक्टूबर 2026:

यूपी के भदोही जिले को अब संत रविदास के नाम से भी जाना जाएगा। योगी सरकार ने जिले का नाम बदलकर संत रविदासनगर भदोही करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में यह फैसला लिया गया। नए नाम में संत रविदास का सम्मान लौटाने के साथ भदोही की पहचान भी बनाए रखने का फैसला किया गया है।

1997 में रखा गया था संत रविदास नगर नाम

भदोही के नामकरण का इतिहास करीब तीन दशक पुराना है। वर्ष 1997 में मायावती सरकार ने जिले का नाम संत रविदास नगर रखा था। वर्ष 2014 में अखिलेश यादव के नेतृत्व वाली समाजवादी पार्टी सरकार ने इसका नाम बदलकर भदोही कर दिया था। अब योगी सरकार ने संत रविदास का नाम दोबारा जोड़ने का निर्णय लिया है।

सुरेश खन्ना ने दी कैबिनेट के फैसले की जानकारी

कैबिनेट बैठक के बाद वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि जिले का नया नाम संत रविदासनगर भदोही होगा। सरकार ने संत रविदास के सामाजिक सुधार और भारतीय संत परंपरा में उनके योगदान को इस फैसले का आधार बनाया है। नाम में भदोही को भी जगह दी गई है, जिससे जिले की पुरानी पहचान बनी रहेगी।

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दलित और राजभर समाज से भी जुड़ा है फैसला

संत रविदास दलित समाज की आस्था और सामाजिक चेतना के प्रमुख प्रतीक हैं। दूसरी ओर, भदोही की ऐतिहासिक विरासत का संबंध भार राज से जोड़ा जाता है, जिसे राजभर समाज अपनी परंपरा से जोड़कर देखता है। ऐसे में नाम में संत रविदास और भदोही, दोनों को शामिल करने के फैसले के सामाजिक और राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। इसे दलित और राजभर समाज, दोनों को सम्मान देने के संदेश के तौर पर भी देखा जा रहा है।

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राजस्व संहिता के तहत बदलेगा जिले का नाम

प्रदेश सरकार के मुताबिक, नाम परिवर्तन का प्रस्ताव उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की संशोधित धारा 6(2) के तहत मंजूर किया गया है। इस प्रावधान के अनुसार, राज्य सरकार अधिसूचना जारी कर किसी राजस्व क्षेत्र का नाम तय कर सकती है। सरकार ने इस प्रक्रिया को केंद्र सरकार के 11 सितंबर 1953 के संबंधित परिपत्र के अनुरूप भी बताया है।

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Anand Sharma

आनंद शर्मा 30 वर्ष से अधिक समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। ‘राष्ट्रीय सहारा’ व ‘हिंदुस्तान’ दैनिक समाचार पत्र में फील्ड रिपोर्टिंग के साथ सम्पादन का काम भी चलता रहा। जिला स्तर पर संवाददाता और ब्यूरो प्रमुख के रूप में लंबे समय तक सक्रिय रहे। इस दौरान विख्यात… More »

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