Gorakhpur News : बेटी को मिला था गोल्ड मेडल, पिता निकला साइबर ठग, 34 बैंक खातों से 4.09 करोड़ का खेल
गोरखपुर में पांच आरोपी गिरफ्तार, 20% कमीशन का लालच देकर खुलवाते थे म्यूल खाते, ठगी की रकम को USDT में बदलकर क्रिप्टो वॉलेट में भेजते थे, गिरोह के पांच अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस

गोरखपुर, 10 अक्टूबर 2026:
यूपी के गोरखपुर में साइबर ठगी के एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ है, जिसके सदस्य लग्जरी लाइफ जीने ने के लिए इस धंधे में उतरे थे। साइबर सेल और चिलुआताल पुलिस ने गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि 34 म्यूल बैंक खातों के जरिए 4 करोड़ 9 लाख 11 हजार 738 रुपये का लेनदेन किया गया। गिरफ्तार आरोपियों में एक ऐसा शख्स भी शामिल है, जिसकी बेटी को हाल ही में गोल्ड मेडल मिला था।
गिरोह के हर मेंबर को सौंपी गई थी अलग-अलग जिम्मेदारी
रवि वर्मा लोगों को कमीशन का लालच देकर उनके बैंक खाते, एटीएम कार्ड और चेकबुक हासिल करता था। नकदी निकालने के बदले वह 10 फीसदी कमीशन रखता था। आदर्श सिंह और प्रज्ञा रतन की जिम्मेदारी नकदी को USDT में बदलवाने की थी। दोनों नवनीत से नकदी लेकर मकसूद के जरिए उसे क्रिप्टोकरेंसी में बदलवाते थे। पुलिस के अनुसार, इस काम के बदले उन्हें प्रति USDT 160 रुपये कमीशन मिलता था। मकसूद आलम खान विदेशी एजेंटों के संपर्क में रहता था। वह नकदी लेकर एजेंटों के जरिए उसे USDT में बदलवाता था, इसके बाद रकम बताए गए क्रिप्टो वॉलेट में भेजी जाती थी।
20% कमीशन पर लेते थे बैंक खाते
पुलिस के मुताबिक, गिरोह के सदस्य लोगों को 20 फीसदी कमीशन देने का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करते थे। इन खातों में देश के अलग-अलग हिस्सों से साइबर ठगी और इन्वेस्टमेंट फ्रॉड की रकम मंगाई जाती थी। इसके बाद एटीएम कार्ड और चेक की मदद से पैसा निकाला जाता था। गिरोह के सदस्य अपना कमीशन काटने के बाद बची रकम को विदेशी एजेंटों के जरिए क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदलवाते थे। फिर इसे बताए गए क्रिप्टो वॉलेट में ट्रांसफर कर दिया जाता था। इस तरीके से ठगी की रकम का असली स्रोत छिपाने की कोशिश की जाती थी।

12 राज्यों की शिकायतों से जुड़ा मामला
पुलिस के अनुसार, अब तक जांच में 34 म्यूल बैंक खातों के जरिए 4.09 करोड़ रुपये से ज्यादा के संदिग्ध लेनदेन की पुष्टि हुई है। इस मामले से बिहार, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान, तेलंगाना, पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु समेत 12 राज्यों की शिकायतें जुड़ी हैं। पुलिस अब उन लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिनके बैंक खातों का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने में किया गया।
नवनीत को बताया गया गिरोह का स्थानीय लीडर
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान महराजगंज जिले के नौतनवां थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 14 निवासी नवनीत पांडेय उर्फ आदेश पांडेय, गोरखपुर के राजघाट क्षेत्र के बसंतपुर निवासी रवि वर्मा, चंदौली जिले के खुर्जा निवासी आदर्श सिंह उर्फ थायनोस, एम्स थाना क्षेत्र निवासी प्रज्ञा रतन और चिलुआताल के करीम नगर निवासी मकसूद आलम खान के रूप में की है।नपुलिस के मुताबिक, नवनीत गिरोह का स्थानीय लीडर था। वह सोशल मीडिया ग्रुप के जरिए बैंक खातों की जानकारी जुटाता था। ठगी की रकम खातों में मंगवाने से लेकर नकदी निकलवाने और उसे USDT में बदलवाने तक की व्यवस्था संभालता था। वह करीब एक साल से इस काम में शामिल था।
13.76 लाख रुपये नकद, 22 एटीएम कार्ड बरामद
आरोपियों के कब्जे से 13 लाख 76 हजार 700 रुपये नकद, एक कैश काउंटिंग मशीन, एक लग्जरी कार, 22 एटीएम कार्ड के साथ बड़ी संख्या में चेकबुक और पासबुक बरामद की हैं। पुलिस के मुताबिक, मकसूद के पास से 12.76 लाख रुपये नकद और 19 एटीएम कार्ड मिले हैं।।इस मामले में चिलुआताल थाने में केस दर्ज किया गया है। पुलिस गिरोह के पांच अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। जांच में ठगी की रकम के स्रोत, इस्तेमाल किए गए बैंक खातों और क्रिप्टो वॉलेट तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है।






