लखनऊ में ‘फिलिस्तीन हुर्रा’ की गूंज: गीतों से उठी आजादी की आवाज, दो वंचित बच्चों को भी मिला हुनर दिखाने का मंच
लक्ष्य मिश्रा के एल्बम ‘आवाज हमारी उम्मीद उनकी’ का लोकार्पण, ‘फॉर एवरी चाइल्ड लास्ट’ को मिली सराहना, संगीत के जरिए फिलिस्तीन के हक में बुलंद हुई आवाज

लखनऊ, 10 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ के कैसरबाग स्थित बलराज साहनी प्रेक्षागृह में शुक्रवार शाम आयोजित ‘फिलिस्तीन हुर्रा’ कार्यक्रम में संगीत, सामाजिक सरोकार और इंसानियत की आवाज एक साथ सुनाई दी। कार्यक्रम में सोलो आर्टिस्ट लक्ष्य मिश्रा के एल्बम ‘आवाज हमारी उम्मीद उनकी’ का लोकार्पण किया गया। एल्बम के गीतों के माध्यम से फिलिस्तीन की आजादी और उसके समर्थन में आवाज बुलंद की गई।
भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) और आईपीएसएन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम का मुख्य वक्तव्य भारतीय जन नाट्य संघ (इप्टा) के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष राकेश वेदा ने दिया। कार्यक्रम में एल्बम के गीत ‘फॉर एवरी चाइल्ड लास्ट’ को खास तौर पर सराहा गया। गीतों ने बच्चों के अधिकारों और फिलिस्तीन के मुद्दे को कलात्मक अभिव्यक्ति के जरिए सामने रखा।

इस एल्बम की खासियत केवल इसका संगीत और संदेश नहीं अपितु इसके निर्माण से जुड़ी संवेदनशील पहल भी रही। सोलो आर्टिस्ट लक्ष्य मिश्रा ने दो वंचित बच्चों हरिओम और सपना को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया। अंग्रेजी भाषा में गीत गाने के लिए उन्होंने दोनों बच्चों को अंग्रेजी भी सिखाई। इस तरह एल्बम ने संगीत के मंच पर उन बच्चों को भी जगह दी, जिनकी प्रतिभा को अक्सर पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते।

इस पहल में नवरीता फाउंडेशन की संचालक अंजलि और मेडिकल स्टूडेंट अंदलीब जेहरा ने सहयोगी की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का संचालन इरा श्रीवास्तव ने किया, जबकि शहजाद रिजवी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। इस मौके पर लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. रूपरेखा वर्मा, हिंदुस्तान के पूर्व संपादक नागेंद्र, साहित्यकार कौशल किशोर, रंगकर्मी एवं पूर्व बैंक अधिकारी ज्ञानचंद्र शुक्ला, आदियोग, राकेश वर्मा, राजू पांडेय, रिजवान और राजुल गौर समेत कई लोग मौजूद रहे।






