UP RERA का बड़ा फैसला: बिल्डरों को 11 दिन की मोहलत, 21 अक्टूबर तक नहीं भरी QPR तो बढ़ सकती हैं मुश्किलें!
डिजिटल सिग्नेचर से प्रमाणपत्र जमा करने की नई व्यवस्था के चलते बढ़ी समय सीमा, आर्किटेक्ट, इंजीनियर और CA के REG-1, REG-2 व REG-3 प्रमाणपत्रों पर DSC अनिवार्य

लखनऊ/गौतमबुद्ध नगर, 11 अक्टूबर 2026:
यूपी में रियल एस्टेट परियोजनाओं का संचालन कर रहे प्रमोटर्स के लिए अहम खबर है। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (यूपी रेरा) ने गत 30 सितंबर को समाप्त तिमाही की त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट (QPR) दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ाकर 21 अक्टूबर कर दी है। डिजिटल हस्ताक्षर के जरिए अनिवार्य प्रमाणपत्र जमा करने की नई व्यवस्था लागू होने के कारण प्राधिकरण ने यह राहत दी है। हालांकि, समय सीमा बढ़ने के बावजूद प्रमोटर्स को रिपोर्ट के साथ सभी जरूरी प्रमाणपत्र निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जमा करने होंगे।
नई व्यवस्था में तीन प्रमाणपत्रों पर DSC जरूरी
यूपी रेरा की संशोधित व्यवस्था के तहत अब QPR के साथ वास्तुविद, इंजीनियर और चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) की ओर से जारी निर्धारित प्रमाणपत्रों पर डिजिटल सिग्नेचर सर्टिफिकेट (DSC) के माध्यम से हस्ताक्षर करना अनिवार्य होगा। वास्तुविद को REG-1, इंजीनियर को REG-2 और चार्टर्ड अकाउंटेंट को REG-3 प्रमाणपत्र पर डिजिटल हस्ताक्षर करने होंगे। इसके बाद इन प्रमाणपत्रों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार यूपी रेरा पोर्टल पर रिपोर्ट के साथ अपलोड करना होगा।
इस बदलाव का उद्देश्य प्रमाणपत्रों को डिजिटल माध्यम से प्रमाणित करते हुए रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया को निर्धारित तकनीकी व्यवस्था के अनुरूप बनाना है। ऐसे में प्रमोटर्स के साथ संबंधित पेशेवरों की जिम्मेदारी भी बढ़ गई है। उन्हें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी प्रमाणपत्र सही प्रारूप में और निर्धारित डिजिटल प्रक्रिया का पालन करते हुए जमा किए जाएं।
पहली बार लागू व्यवस्था, इसलिए मिली अतिरिक्त मोहलत
प्राधिकरण ने समयसीमा बढ़ाने के पीछे DSC आधारित हस्ताक्षर और प्रमाणपत्र जमा करने की संशोधित प्रक्रिया को पहली बार लागू किए जाने को प्रमुख वजह बताया है। नई व्यवस्था के चलते प्रमोटर्स, वास्तुविदों, इंजीनियरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट को तकनीकी प्रक्रिया समझने तथा पोर्टल पर आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय की जरूरत पड़ सकती है।
इसी को ध्यान में रखते हुए यूपी रेरा ने समय सीमा में विस्तार किया है जिससे नई प्रणाली लागू होने के दौरान रिपोर्ट दाखिल करने में अनावश्यक परेशानी न हो। यह राहत रिपोर्ट दाखिल करने की प्रक्रिया को सुचारु बनाने के उद्देश्य से दी गई है, न कि अनिवार्य दस्तावेजों की शर्तों में छूट देने के लिए।
21 अक्टूबर अंतिम तारीख, पोर्टल पर उपलब्ध है मार्गदर्शन
यूपी रेरा ने सभी संबंधित प्रमोटर्स से गत 30 सितंबर को समाप्त तिमाही की QPR और REG-1, REG-2 तथा REG-3 प्रमाणपत्र 21 अक्टूबर तक अनिवार्य रूप से जमा करने को कहा है। इसके लिए प्राधिकरण के पोर्टल पर DSC आधारित प्रमाणपत्र जमा करने की विस्तृत प्रक्रिया और चरणबद्ध तकनीकी दिशा-निर्देश उपलब्ध हैं। प्रमोटर्स को सलाह है कि अंतिम समय की तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए समय रहते डिजिटल हस्ताक्षर और प्रमाणपत्रों से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर लें। तय समयसीमा के भीतर रिपोर्ट दाखिल करना अब पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।






