Uttarakhand

बेटियों के सपनों को डिजिटल पंख: धामी ने 149 मेधावी छात्राओं को दिए स्मार्टफोन, बड़े सपने देखने का आह्वान

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री ने मेधावी बालिकाओं को किया सम्मानित, नंदा गौरा योजना में 62 हजार रुपये तक की सहायता, सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% आरक्षण और पांच साल में 35 हजार से अधिक युवाओं को रोजगार का दावा

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 11 अक्टूबर 2026:

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और शारदीय नवरात्रि के पहले दिन रविवार को उत्तराखंड में बेटियों की शिक्षा, सम्मान और आत्मनिर्भरता को लेकर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने बड़ा संदेश दिया। देहरादून के आईआरटीडी प्रेक्षागार में आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में उन्होंने उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन देकर सम्मानित किया। सरकार का जोर बेटियों को शिक्षा के साथ डिजिटल तकनीक, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और नवरात्रि का पहला दिन का एक साथ होना विशेष संयोग है। भारतीय संस्कृति में कन्याओं को शक्ति का स्वरूप माना गया है लेकिन कन्या पूजन की वास्तविक सार्थकता तभी है जब बेटियों को सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर मिलें। उन्होंने छात्राओं से बड़े सपने देखने, मेहनत करने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।

जन्म से पढ़ाई और नौकरी तक बेटियों को सहारा

धामी ने कहा कि राज्य सरकार बेटियों को जन्म से लेकर शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार तक सहयोग देने के लिए प्रतिबद्ध है। नंदा गौरा योजना के तहत बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपये और 12वीं पास करने पर 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। सरकार के मुताबिक इस योजना से अब तक चार लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं। सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण भी दिया जा रहा है।

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इसके अलावा मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के जरिए माताओं और नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण पर ध्यान दिया जा रहा है। कक्षा एक से 12वीं तक राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में मुफ्त पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। छात्रवृत्ति योजनाओं, मुफ्त साइकिल वितरण और महिला छात्रावासों के निर्माण के जरिए भी बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

डिजिटल शिक्षा से कौशल और स्वरोजगार तक

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्टफोन वितरण का उद्देश्य मेधावी छात्राओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर ज्ञान और कौशल विकास के नए अवसर उपलब्ध कराना है। राजकीय विद्यालयों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि देने की दिशा में भी काम किया जा रहा है।

ड्रोन दीदी योजना, आलम्बन आर्ट, आलम्बन गांव, आलम्बन कैफे और नव्या 2.0 जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं एवं किशोरियों को प्रशिक्षण, उद्यमिता और आजीविका से जोड़ने के प्रयास किए जा रहे हैं। नव्या 2.0 के तहत हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर की किशोरियों एवं युवतियों को कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

सुरक्षा, सम्मान और रोजगार पर भी जोर

धामी ने कहा कि बाल विवाह जैसी सामाजिक बुराइयों की रोकथाम, पॉक्सो पीड़ित बच्चों को कानूनी सहायता और मानसिक देखभाल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां मिली हैं।

कार्यक्रम में महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मेधावी बालिकाओं का सम्मान उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहित करने के साथ दूसरी बेटियों को भी आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक बंशीलाल राणा सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।

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Rakesh Kumar Verma

राकेश कुमार वर्मा एक वरिष्ठ पत्रकार हैं। इन्हें मीडिया जगत में लगभग 31 वर्षों का व्यापक और समृद्ध अनुभव है। इन्होंने प्रिंट और डिजिटल दोनों ही माध्यमों में कार्य करते हुए अपनी मजबूत और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराई है। यूपी की राजधानी लखनऊ में स्वतंत्र भारत, राष्ट्रीय सहारा, जनसत्ता एक्सप्रेस,… More »

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