गुलदार के हमले में मासूम की मौत से भड़के ग्रामीणों का हंगामा, तहसीलदार-एसडीओ को बनाया बंधक
देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर धरने पर बैठे, डीएफओ के सुरक्षा के आश्वासन पर दोनों अधिकारियों को छोड़ा, इससे पहले विधायक का किया था घेराव, वन्यजीवों के हमलों से लोगों में दहशत

योगेंद्र मलिक
पौड़ी गढ़वाल, 4 नवंबर 2026:
उत्तराखंड के पौड़ी गढ़वाल के देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर खांड्यूसैंण के पास गुलदार के हमले में चार वर्षीय बच्ची की मौत के बाद ग्रामीणों कर गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने बुधवार को देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर धरना देकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों के जाम लगाने की सूचना पर पौड़ी तहसीलदार व वन विभाग के एसडीओ मौके पर पहुंचे को लोगों ने दोनों अधिकारियों को बंधक बना लिया। इसके बाद दोनों अधिकारियों को अपना विरोध जताया। इस दौरान मौके पर पहुंचे डीएफओ महातिम यादव के सुरक्षा के आश्वासन के बाद तहसीलदार और एसडीओ को ग्रामीणों ने मुक्त किया।
राजकुमार पोरी की गाड़ी पर चढ़कर की थी नारेबाजी
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम को गुलदार ने आरुषि पर हमला कर उसे मार डाला। इससे आक्रोश फैल गया। विधायक राजकुमार पोरी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे तो ग्रामीणों ने उनका घेराव कर दिया। कुछ ग्रामीण विधायक की गाड़ी पर चढ़ गए और नारेबाजी की। पुलिसकर्मियों ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन प्रदर्शन जारी रहा। इस दौरान विधायक काफी देर तक अपनी कार के अंदर ही रहे। इसके बाद विधायक कार से बाहर आए और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें सुरक्षा का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ।

बच्चों को घर से बाहर भेजने में लगता है डर
बुधवार को ग्रामीण एक बार फिर धरने पर बैठ गए। मौके पर पहुंचे तहसीलदार और एसडीओ को बंधक बनाए जाने की सूचना पर वन विभाग के डीएफओ महातिम यादव भी वहां पहुंच गए। इस दौरान ग्रामीणों और डीएफओ के बीच धक्का-मुक्की हुई। हालांकि डीएफओ के आश्वासन के बाद तहसीलदार व एसडीओ को मुक्त कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में पिछले कुछ समय से वन्यजीवों के हमलों की घटनाएं और शासन-प्रशासन की ओर से सुरक्षा के लिए कोई ठोस व्यवस्था नहीं की जा रही है। छोटे बच्चों को घर से बाहर भेजने में डर लगता है। ग्रामीणों ने क्षेत्र में गुलदार के आतंक से निजात दिलाने व सुरक्षा के ठोस इंतजाम करने की मांग की है।






