68,500 शिक्षक भर्ती : 65 दिन से आंदोलित अभ्यर्थियों का SCERT पर धावा, बोले- आश्वासन नहीं, नियुक्ति का शेड्यूल दो
आरक्षण विसंगति के खिलाफ निशातगंज स्थित कार्यालय का घेराव, मंत्रियों पर गड़बड़ी स्वीकारने का दावा, दीपावली तक मांग पूरी नहीं हुई तो मंत्रियों के आवास पर मनाएंगे त्योहार

लखनऊ, 4 नवंबर 2026:
उत्तर प्रदेश की 68,500 सहायक शिक्षक भर्ती 2018 में आरक्षण विसंगति का विवाद आठ साल बाद भी सुलझ नहीं पाया है। नियुक्ति की मांग को लेकर 65 दिनों से लखनऊ के ईको गार्डन में धरना दे रहे सैकड़ों अभ्यर्थियों का गुस्सा बुधवार को फूट पड़ा। सैकड़ों अभ्यर्थियों ने निशातगंज स्थित राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT) कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।
जमीन पर बैठकर नारेबाजी करते हुए अभ्यर्थियों ने आरक्षण में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाया। उन्होंने दो टूक कहा कि अब कोरे आश्वासन नहीं चलेंगे। सरकार नियुक्ति प्रक्रिया का लिखित शेड्यूल जारी करे तभी आंदोलन खत्म होगा।
मंत्रियों के सामने भी उठा चुके हैं मामला
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे आशुतोष वर्मा के मुताबिक 10 सितंबर को उनकी मुलाकात बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी से हुई थी। इस बैठक में दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। अभ्यर्थियों का दावा है कि बैठक के दौरान मंत्रियों और अधिकारियों ने भर्ती में गड़बड़ी की बात स्वीकार की थी। इसके बावजूद अब तक नियुक्ति की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

नेतृत्वकर्ता तूफान सिंह ने आरोप लगाया कि भर्ती में आरक्षण के नियमों का बड़े स्तर पर उल्लंघन हुआ है। उनका कहना है कि राज्य और राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग भी इस मामले में विसंगतियों को स्वीकार करते हुए नियमों के पालन का निर्देश दे चुके हैं। ऐसे में आयोगों के आदेशों पर अमल कर अभ्यर्थियों को नियुक्ति क्यों नहीं दी जा रही है?
आठ साल से नौकरी का इंतजार, अब आर-पार की लड़ाई
अभ्यर्थियों का कहना है कि वर्ष 2018 में भर्ती के लिए आवेदन करने के बावजूद आठ साल बाद भी उन्हें नौकरी नहीं मिली। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्रियों, विधायकों और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष तक अपनी मांग पहुंचा चुके हैं, लेकिन नतीजा सिफर रहा।
धरना प्रभारी नवीन चौधरी ने चेतावनी दी कि नियुक्ति प्रक्रिया का शेड्यूल जारी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। दीपावली से पहले मांग पूरी नहीं हुई तो अभ्यर्थी मंत्री व नेताओं के आवास पर ही दीपावली मनाएंगे।






