
लखनऊ, 17 सितंबर 2026:
यूपी के आयुष इंटर्न डॉक्टरों का स्टाइपेंड बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहा विरोध थमने का नाम नहीं ले रहा है। गुरुवार को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित राजकीय मेडिकल होम्योपैथिक कॉलेज में आयुष छात्रों और चिकित्सकों ने प्रदर्शन कर अपनी मांग को लेकर आवाज बुलंद की। प्रदर्शन में होम्योपैथिक चिकित्सक संघ, आयुर्वेद चिकित्सक संघ और यूनानी चिकित्सक संघ से जुड़े प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांग मौजूदा 7,500 रुपये मासिक स्टाइपेंड को बढ़ाकर 25 हजार रुपये करने की है। डॉक्टरों का कहना है कि प्रशिक्षण के दौरान वे केवल छात्र की भूमिका में नहीं रहते अपितु मरीजों की देखभाल समेत स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी विभिन्न जिम्मेदारियां भी निभाते हैं। ऐसे में उन्हें उनकी जिम्मेदारियों और कार्य के अनुरूप सम्मानजनक स्टाइपेंड मिलना चाहिए।
प्रदर्शन के दौरान डॉक्टरों ने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि उनकी स्टाइपेंड संबंधी मांग लंबे समय से चर्चा में है लेकिन अब तक स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया है। उनका कहना था कि प्रशासनिक गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं लेकिन डॉक्टरों की समस्याओं और उनकी मांग पर अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही।

डॉक्टरों ने ‘हम डॉक्टर हैं, मजदूर नहीं’ का नारा लगाते हुए कहा कि 25 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड की मांग किसी अतिरिक्त सुविधा की मांग नहीं है। यह प्रशिक्षण और सेवा के दौरान निभाई जा रही जिम्मेदारियों के अनुरूप सम्मानजनक भुगतान की मांग है।
प्रदर्शनकारी डॉक्टरों ने MBBS-BDS इंटर्न के बढ़े हुए स्टाइपेंड का हवाला देते हुए समानता की मांग उठाई। उनका कहना है कि आयुष इंटर्न के साथ भी स्टाइपेंड के मामले में समान दृष्टिकोण अपनाया जाना चाहिए। डॉक्टरों ने प्रशासन से वार्ता कर जल्द समाधान निकालने की अपील की। उनका स्पष्ट कहना था कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को 25 हजार रुपये मासिक स्टाइपेंड की मांग पर स्पष्ट और शीघ्र निर्णय लेना चाहिए।






