CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ NSUI का हल्लाबोल: हजरतगंज में लिखा ‘वोट चोर’, काले गुब्बारे उड़ाकर मांगा इस्तीफा
Lucknow में ‘अब तेरा क्या होगा ज्ञानू’ लिखी टी-शर्ट पहनकर सड़क पर उतरे छात्र नेता, विधानभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोका, धक्का-मुक्की के बीच वोट चोरी के आरोपों पर सरकार को भी घेरा

लखनऊ, 11 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सियासी विरोध लगातार तेज होता जा रहा है। रविवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) के कार्यकर्ताओं ने हजरतगंज में जोरदार प्रदर्शन कर चुनाव आयोग और केंद्र की भाजपा सरकार को निशाने पर लिया। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर ‘वोट चोर’ लिखा, काले गुब्बारे उड़ाए और मुख्य निर्वाचन आयुक्त से इस्तीफे की मांग की। इस दौरान कार्यकर्ताओं की टी-शर्ट पर लिखा था- अब तेरा क्या होगा ज्ञानू?
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ और ‘ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो’ जैसे नारे लगाए। हजरतगंज चौराहे से विधानभवन की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। इससे कुछ देर तक मौके पर गहमागहमी का माहौल बना रहा।
‘लोकतंत्र बचाने के लिए सड़क से सदन तक संघर्ष’
NSUI के प्रदेश सचिव शुभम ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ज्ञानेश कुमार ने लोकतंत्र की हत्या की है। उन्होंने आरोप लगाया कि करोड़ों वोटों की चोरी कराकर अलग-अलग राज्यों और केंद्र में भाजपा की सरकार बनवाने में मदद की गई। शुभम ने चुनाव आयोग पर भी भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र को बचाने के लिए संगठन सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष जारी रखेगा।

‘वोट चोरी की डोर छूटी तो सत्ता से बाहर होगी भाजपा’
NSUI के प्रदेश उपाध्यक्ष अहमद रजा ने कहा कि मौजूदा सरकार वोट चोरी की डोर पकड़कर खड़ी है। जिस दिन यह डोर छूट जाएगी, भाजपा सत्ता से बाहर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि काले गुब्बारे वोट चोरी और लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ विरोध का प्रतीक हैं। हजरतगंज चौराहे पर लिखा ‘वोट चोर गद्दी छोड़’ जनता को इस मुद्दे की याद दिलाता रहेगा। प्रदर्शन में समाजवादी छात्रसभा के कार्यकर्ता भी शामिल हुए।






