Ramlila: पहली बार बच्चों का महामंचन, 120 फीट की LED स्क्रीन पर जीवंत होगी रामकथा, 60 देशों तक गूंजेगा जय श्रीराम
फिल्मी सितारों की रामलीला का आठवां संस्करण शुरू, 3 से 17 साल के बाल कलाकारों ने श्रीराम जन्म से राज्याभिषेक तक के प्रसंगों का किया मंचन, रवि किशन समेत 63 कलाकार निभाएंगे प्रमुख भूमिकाएं

अयोध्या, 12 अक्टूबर 2026:
रामायण की गाथा, बाल कलाकारों का अभिनय और आधुनिक तकनीक का भव्य संगम। फिल्मी सितारों की रामलीला के आठवें संस्करण में इस बार बच्चों ने इतिहास रचने की पहल की है। दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में शुरू हुए आयोजन में पहली बार तीन से 17 वर्ष तक के बाल कलाकारों ने संपूर्ण रामायण का मंचन किया।श्रीराम जन्म से लेकर उनके राज्याभिषेक तक की कथा को बच्चों ने अपने संवाद और अभिनय से जीवंत कर दिया। वहीं, 120 फीट की विशाल एलईडी स्क्रीन और भव्य मंच सज्जा ने आयोजन को खास बना दिया।
पहली बार बच्चों के कंधों पर संपूर्ण रामायण की जिम्मेदारी
रामलीला के इस संस्करण का सबसे बड़ा आकर्षण बाल कलाकारों की भागीदारी रही। बच्चों ने विश्वामित्र आगमन, ताड़का वध, अहिल्या उद्धार, सीता स्वयंवर, राम वनवास, भरत मिलाप, सीता हरण, हनुमान मिलन, लंका दहन, रामसेतु निर्माण और रावण वध जैसे प्रमुख प्रसंगों का मंचन किया। अयोध्या वापसी और श्रीराम के राज्याभिषेक तक की यात्रा ने दर्शकों को रामकथा के विभिन्न पड़ावों से रूबरू कराया।

आयोजकों के अनुसार हीरा पब्लिक स्कूल, एचएसवी ग्लोबल, पार्थ इंटरनेशनल, एचएसवी इंटरनेशनल और मिसरी देवी ज्ञान निकेतन स्कूल के विद्यार्थियों ने इसमें हिस्सा लिया। रामलीला के फाउंडर अध्यक्ष सुभाष मलिक और महासचिव शुभम मलिक ने बताया कि पहली बार बच्चों को संपूर्ण रामायण के मंचन का अवसर दिया गया है। इसका उद्देश्य नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, रामायण की शिक्षाओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना है।
63 फिल्मी कलाकार, 19 अक्टूबर को श्रीराम बनेंगे रवि किशन
20 अक्टूबर तक आयोजित होने वाली इस रामलीला में फिल्म और मनोरंजन जगत की 63 हस्तियां अलग-अलग किरदारों में नजर आएंगी। इनमें मनोज तिवारी, रवि किशन, रजा मुराद, बिंदु दारा सिंह, मालिनी अवस्थी और मिस यूनिवर्स इंडिया 2026 काजिया लिज मेजो शामिल हैं। आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में 19 अक्टूबर को सांसद रवि किशन का भगवान श्रीराम की भूमिका निभाना शामिल है। अभिनेता अरुण बख्शी रावण के किरदार में नजर आएंगे।
40 भाषाओं में प्रसारण, 60 देशों तक पहुंचेगा संदेश
रामलीला को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रसारण की तैयारी है। आयोजकों के मुताबिक 80 से अधिक उपग्रह चैनलों के माध्यम से इसका प्रसारण 40 भाषाओं में किया जाएगा। इसके जरिए रामकथा का संदेश 60 देशों तक पहुंचाने की योजना है। आयोजन के दौरान मेला दोपहर 12 बजे से रात 11 बजे तक चलेगा। रामलीला का मंचन शाम 7 से रात 10 बजे तक होगा।
परंपरा के साथ तकनीक, नई पीढ़ी तक रामायण के संस्कार
आठवें संस्करण में विशाल एलईडी स्क्रीन, आधुनिक मंच सज्जा और लोकप्रिय कलाकारों की भागीदारी के जरिए रामायण के प्रसंगों को नए अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है। आयोजकों का लक्ष्य मनोरंजन के साथ मर्यादा, त्याग, सत्य और कर्तव्य जैसे श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। बाल कलाकारों के जरिए संपूर्ण रामायण का मंचन इस प्रयास को नई पहचान दे रहा है।






