Uttarakhand News : CM के हाथों पुरस्कृत हुए मेधावी छात्र, प्रधानाचार्य भी सम्मानित, शिक्षा में तकनीक और नवाचार पर धामी का जोर
उत्तराखंड के 63 मेधावी छात्र-छात्राओं को मिला शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार, छह प्रधानाचार्य भी सम्मानित, नंदा गौरा योजना में छात्राओं को 51 हजार रुपये की मदद, 500 स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम की तैयारी

देहरादून, 15 अक्टूबर 2026:
उत्तराखंड में वर्ष 2026 की बोर्ड परीक्षाओं में शानदार प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया। देहरादून में मुख्यमंत्री आवास के मुख्य सेवक सदन में आयोजित पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के टॉप 10 में जगह बनाने वाले 63 छात्र-छात्राओं को पुरस्कार दिए गए। इस दौरान बेहतर परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी सम्मानित किया गया।
मेहनत के साथ शिक्षकों और अभिभावकों की भूमिका अहम
समारोह में हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। हाईस्कूल परीक्षा में अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, इंटरमीडिएट में गीतिका पंत और सुशीला मेहंदीरत्ता ने संयुक्त रूप से 98 प्रतिशत अंक हासिल कर टॉप किया। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले तीन-तीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को प्रशस्ति पत्र और मुख्यमंत्री ट्रॉफी प्रदान की गई। मुख्यमंत्री ने सम्मानित विद्यार्थियों और प्रधानाचार्यों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कहा कि विद्यार्थियों की सफलता उनकी मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प का नतीजा है। इस उपलब्धि में शिक्षकों और अभिभावकों की भी अहम भूमिका है। उत्तराखंड में वर्ष 2026 का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 92.10 प्रतिशत रहा, जबकि इंटरमीडिएट में 85.11 प्रतिशत विद्यार्थी सफल हुए।
दीनदयाल उपाध्याय के विचारों का किया जिक्र
मुख्यमंत्री ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय को याद करते हुए कहा कि उन्होंने एकात्म मानववाद और अंत्योदय की विचारधारा के जरिए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाने की बात कही। उनका मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें राष्ट्रप्रेम, नैतिक मूल्यों, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान को भी जगह मिलनी चाहिए।

राष्ट्रीय शिक्षा नीति लागू करने में अग्रणी राज्य
धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के जरिए शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक, व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने की दिशा में काम हुआ है। उत्तराखंड इस नीति को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। सरकार का जोर डिजिटल लर्निंग, शिक्षा में नवाचार और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर है।
500 स्कूलों में वर्चुअल क्लासरूम की तैयारी
मुख्यमंत्री ने बताया कि दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों तक गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाने के लिए प्रदेश के 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। राज्य में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं। सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। साथ ही, प्रयोगशालाओं को आधुनिक बनाने पर भी जोर दिया जा रहा है, ताकि बच्चों को व्यावहारिक ज्ञान के साथ नई तकनीकों की समझ मिल सके। नंदा गौरा योजना के तहत 12वीं पास पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की मुफ्त शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शिक्षा और अपनी प्रतिभा निखारने के समान अवसर मिलें।

पूर्ण साक्षर राज्य बनने के बाद अब डिजिटल शिक्षा पर जोर
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के पूर्ण साक्षर राज्य बनने को प्रदेश के लिए गौरव की उपलब्धि बताया। उन्होंने इस अभियान में योगदान देने वाले शिक्षकों, अधिकारियों, स्वयंसेवकों और प्रदेशवासियों की सराहना की। धामी ने कहा कि साक्षरता के बाद अब लोगों को डिजिटल साक्षरता, वित्तीय साक्षरता, स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता और जीवन में काम आने वाले कौशल से जोड़ना जरूरी है। नागरिक नई तकनीकों का इस्तेमाल कर अपनी आजीविका बेहतर बना सकें और समाज के विकास में योगदान दे सकें, इसके लिए सामूहिक प्रयास किए जाने चाहिए।
विकसित भारत के लक्ष्य में युवाओं की भूमिका अहम
मुख्यमंत्री बोले, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से उत्तराखंड को सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प को मिलेगी मजबूती
मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि उत्तराखंड को देश का सर्वश्रेष्ठ राज्य बनाने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। इस लक्ष्य को हासिल करने में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवा पीढ़ी की भूमिका अहम है। उन्होंने उम्मीद जताई कि मेधावी विद्यार्थी अपने ज्ञान, कौशल और मेहनत से सफलता के नए मुकाम हासिल करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प को पूरा करने में योगदान देंगे। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत, विधायक सविता कपूर, सचिव शिक्षा ज्योति यादव, अपर सचिव शिक्षा नमामि बंसल सहित शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।






