Lucknow Metro : दृष्टि की बाधा नहीं बनेगी सफर में रोड़ा! विद्यार्थियों ने सीखे सुरक्षित यात्रा के गुर
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने मेट्रो में किया शैक्षणिक भ्रमण, टिकट लेने से लेकर प्लेटफॉर्म तक पहुंचने और सुरक्षा नियमों को समझने का मिला व्यावहारिक अनुभव, मुंशीपुलिया से सचिवालय तक सुरक्षित सफर

लखनऊ, 17 अक्टूबर 2026:
दृष्टि नहीं, हौसला मायने रखता है और सही सुविधाएं मिलें तो राहें भी आसान हो जाती हैं। इसी सोच को साकार करने की दिशा में उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (यूपीएमआरसी) ने एक एनजीओ के सहयोग से दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए लखनऊ मेट्रो में विशेष एक्सपोजर विजिट का आयोजन किया। शुक्रवार को आयोजित इस पहल में 20 से अधिक दृष्टिबाधित विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। विद्यार्थियों ने मुंशीपुलिया से सचिवालय मेट्रो स्टेशन तक यात्रा कर न केवल मेट्रो संचालन को करीब से समझा बल्कि सार्वजनिक परिवहन का सुरक्षित और आत्मविश्वास के साथ इस्तेमाल करने की प्रक्रिया भी सीखी।
इस शैक्षणिक यात्रा का मकसद विद्यार्थियों को मेट्रो सफर की व्यावहारिक जानकारी देना और उन्हें अधिक आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करना था। यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने टिकट प्राप्त करने, प्लेटफॉर्म तक पहुंचने, सुरक्षा नियमों का पालन करने और मेट्रो से सुरक्षित यात्रा करने से जुड़ी प्रक्रियाओं को जाना। इस तरह परिचित कराई गई व्यवस्थाओं से विद्यार्थियों को भविष्य में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।

स्पर्श पथ से ब्रेल संकेत तक, दिव्यांग यात्रियों के लिए खास इंतजाम
लखनऊ मेट्रो में दृष्टिबाधित और अन्य दिव्यांग यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें टैक्टाइल पाथ यानी स्पर्श पथ, ब्रेल संकेत, व्हीलचेयर, व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के लिए निर्धारित स्थान और चौड़े ऑटोमैटिक फेयर गेट शामिल हैं। इसके अलावा लिफ्ट, एस्केलेटर और ऑडियो-विजुअल घोषणाएं भी यात्रियों को स्टेशन और ट्रेन से जुड़ी जरूरी जानकारी हासिल करने में मदद करती हैं।
व्हीलचेयर उपयोगकर्ताओं के ट्रेन में चढ़ने और उतरने को सुगम बनाने के लिए भी व्यवस्थाएं की गई हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य दिव्यांग यात्रियों के लिए मेट्रो सफर को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुलभ बनाना है।
सुविधाओं के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने की पहल
दृष्टिबाधित विद्यार्थियों के लिए आयोजित यह भ्रमण मेट्रो यात्रा तक सीमित नहीं रहा। उन्हें रोजमर्रा के जीवन में सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करने के लिए तैयार करने की दिशा में भी अहम रहा। ऐसी पहल दिव्यांगजनों की स्वतंत्र आवाजाही को प्रोत्साहित करने और सार्वजनिक परिवहन को सभी के लिए अधिक सुलभ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं। यूपीएमआरसी ने सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित, सुलभ और सुविधाजनक मेट्रो सेवाएं सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता दोहराई।






