Doctors’ protest : समान वेतन मांगा तो मुकदमा, लखनऊ में प्रदर्शन के बाद 80 अज्ञात डॉक्टरों पर केस
गांधी प्रतिमा से 1090 चौराहे तक विरोध, मुंह पर टेप लगाकर लगाई गुहार, सड़क जाम और पुलिस से अभद्रता का आरोप, मांगों पर अब तक फैसला नहीं

लखनऊ, 17 अक्टूबर 2026:
यूपी की राजधानी लखनऊ में समान वेतन की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे बॉन्डेड एमबीबीएस डॉक्टरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। डॉक्टरों की मांगों पर अब तक कोई निर्णय नहीं हुआ लेकिन उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज हो गया है। हजरतगंज पुलिस ने 14 अक्टूबर को गांधी प्रतिमा के सामने हुए प्रदर्शन के मामले में 70 से 80 अज्ञात प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग करने, अवैध रूप से भीड़ जुटाने और सरकारी कामकाज में बाधा डालने के आरोप में केस दर्ज किया है।
मुंह पर टेप लगाकर किया प्रदर्शन, सड़क पर लेटकर जताया विरोध
समान वेतन और मानदेय की विसंगतियां दूर करने की मांग को लेकर बॉन्डेड डॉक्टरों कई दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने गत गुरुवार को अनोखे अंदाज में विरोध जताया था। मुंह पर टेप लगाकर पहुंचे डॉक्टरों ने पुलिस के सामने हाथ जोड़कर अपनी मांगें रखीं। कुछ डॉक्टर सड़क पर लेट गए। प्रदर्शनकारियों ने 1090 चौराहे से चेन बनाकर मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने की कोशिश की। हालांकि, पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।
डॉक्टरों को सड़क पर बैठा देखकर एसीपी हजरतगंज रजनीश वर्मा भी जमीन पर बैठ गए और हाथ जोड़कर उनसे धरना समाप्त करने की अपील की। इसके बावजूद डॉक्टर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते रहे।
प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन और सड़क जाम का आरोप
सचिवालय चौकी प्रभारी बागेश कुमार की शिकायत के मुताबिक 14 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे 70 से 80 अज्ञात लोग गांधी प्रतिमा के सामने फुटपाथ पर जुटे थे। इनमें कुछ डॉक्टरों की पोशाक में थे। उनके हाथों में तख्तियां व बैनर थे। प्रदर्शनकारी मानदेय की विसंगतियां दूर करने और समान वेतन का आश्वासन देने की मांग को लेकर उपमुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
पुलिस का आरोप है कि विधानसभा और लोक भवन के निकट प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रदर्शन की अनुमति नहीं होने की जानकारी देने के बावजूद प्रदर्शनकारी मुख्य सड़क पर बैठ गए। इससे यातायात बाधित हुआ और आम लोगों को परेशानी हुई। पुलिस ने सड़क खाली कराने की कोशिश की तो प्रदर्शनकारियों ने विरोध किया।
इसके बाद प्रदर्शनकारी जीपीओ के सामने सड़क और फुटपाथ पर बैठ गए। फिलहाल, बॉन्डेड डॉक्टरों की समान वेतन की मांग पर निर्णय का इंतजार है, जबकि प्रदर्शन के मामले में पुलिस ने कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।






