रामकथा के मंच से योगी ने सुनाया अयोध्याके आया बदलाव, बोले- आस्था भारत की सबसे बड़ी ताकत
Yogi Adityanath Pilibhit Visit : गोरक्ष पीठ से जुड़े नूरनपुर आश्रम में रामकथा के समापन पर पहुंचे सीएम, काशी-मथुरा से लेकर बरेली तक के धार्मिक स्थलों का किया जिक्र

पीलीभीत, 3 नवंबर 2026:
यूपी के पीलीभीत में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी आस्था है। मंगलवार को बीसलपुर क्षेत्र के नूरनपुर स्थित श्री शिव गोरखनाथ मंदिर पहुंचे मुख्यमंत्री ने ब्रह्मलीन महंत शांतिनाथ की स्मृति में आयोजित नौ दिवसीय रामकथा के समापन कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने कथाव्यास अंजली शरण महाराज का अभिवादन किया, फिर अपने संबोधन में अयोध्या के राममंदिर, दीपोत्सव, धार्मिक स्थलों की बदलती तस्वीर और प्रदेश में गरीबों को मिल रही सरकारी सुविधाओं का जिक्र किया।
विविधता में भी भारत की मजबूत पहचान
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत की पहचान उसकी विविधता के साथ आस्था से भी है। उत्तर से दक्षिण और पूरब से पश्चिम तक अलग-अलग रंग, भाषा और परंपराएं होने के बावजूद आस्था देश को जोड़ती है। उन्होंने कहा कि करीब पांच हजार साल पुरानी श्रीमद्भागवत कथा को आज भी लाखों लोग सुनते हैं। शारदीय नवरात्र में रामलीला समेत धार्मिक आयोजन इसी परंपरा का हिस्सा हैं।
पहले रामभक्तों पर लाठियां पड़तीं थीं अब फूल बरसते है
अयोध्या का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि पहले वहां बुनियादी सुविधाओं की कमी थी। रामभक्तों को दर्शन के लिए काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता था। उन्होंने 2 नवंबर 1999 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि उस दिन रामभक्तों पर लाठियां चलाई गई थीं, गोलियां चली थीं। अब तस्वीर बदल चुकी है। अयोध्या में श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं हैं। पहले जहां रामभक्तों पर लाठियां बरसती थीं, अब उन पर फूल बरसाए जाते हैं। उन्होंने कहा कि करोड़ों रामभक्तों की लंबे समय से चली आ रही इच्छा पूरी हुई है। अयोध्या में भव्य राममंदिर बनकर तैयार है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामलला के दर्शन करने पहुंच रहे हैं।
दीपोत्सव जीवन मे भरेगा नया प्रकाश
योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या के दीपोत्सव का जिक्र करते हुए कहा कि छोटी दीपावली पर जलने वाला हर दीपक लोगों के जीवन में नई रोशनी लेकर आएगा। इसका उजाला उत्तर प्रदेश के साथ देश के विकास को भी आगे बढ़ाएगा। उन्होंने कहा कि रामकथा का मकसद केवल कथा सुनना नहीं, बल्कि उसके संदेश को जीवन में उतारना है। श्रद्धा रखने वाले व्यक्ति को ही ज्ञान की प्राप्ति होती है। मुख्यमंत्री ने काशी, मथुरा, वृंदावन, गोला, देवीपाटन, विंध्यवासिनी धाम और नाथ नगरी बरेली का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों पर अब श्रद्धालुओं को आने-जाने में पहले जैसी परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता। लोग अपनी सुविधा के अनुसार दर्शन के लिए पहुंच सकते हैं।

2017 से पहले नहीं था अमन-चैन
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में 2017 से पहले अमन-चैन की स्थिति ऐसी नहीं थी। अब गरीब परिवारों को मुफ्त राशन, आवास और जरूरत की दूसरी सुविधाएं दी जा रही हैं। उन्होंने रामकथा के संदेश को समाज में सकारात्मकता और अच्छे विचारों से जोड़ते हुए अपनी बात रखी। कार्यक्रम में मानस पीठ से जुड़े संत मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के साथ योगी हनुमान नाथ, प्रभारी मंत्री बलदेव सिंह, राज्यमंत्री संजय सिंह गंगवार, विधायक विवेक वर्मा, बाबूराम पासवान, स्वामी प्रवक्तानंद, राकेश मिश्रा अनावा, एमएलसी सुधीर गुप्ता, भाजपा जिलाध्यक्ष गोकुल प्रसाद मौर्य और संजीव प्रताप सिंह भी मौजूद रहे।






