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MP के ग्वालियर में अंबेडकर की प्रतिमा को लेकर विवाद, भाजपा-कांग्रेस ने एक दूसरे पर लगाए अनादर करने के आरोप

भोपाल, 18 जून 2025

मध्यप्रदेश में संविधान निर्माता डॉ.भीमराव अंबेडकर को लेकर एक बार फिर सत्तापक्ष (भाजपा) और विपक्ष (कांग्रेस) में राजनीतिक घमासान मचा गया है। दरअसल हाल ही में मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय की ग्वालियर पीठ के परिसर में अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर पहले से चले आ रहे विवाद में अब राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है। इस मामले को लेकर विपक्ष में मौजूद कांग्रेस ने सत्तारूढ़ भाजपा पर मंगलवार को जमकर हमला बोला और आरोप लगाया की भाजपा संविधान निर्माता बी.आर. अंबेडकर का ‘अनादर’ कर रही है।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह और पार्टी के राज्य प्रभारी हरीश चौधरी सहित वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं के एक समूह ने मंगलवार को एक संवाददाता सम्मेलन के दौरान आरएसएस और भाजपा पर अंबेडकर की प्रतिमा की स्थापना में बाधा उत्पन्न करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि आरएसएस और भाजपा द्वारा संविधान निर्माता के रूप में अंबेडकर के योगदान को नकारने का प्रयास किया जा रहा है। प्रेस को जानकारी देते हुए कांग्रेस ने ग्वालियर में हाल ही में लगाए गए पोस्टर और होर्डिंग्स भी दिखाए और आरोप लगाया कि भाजपा पूर्व सिविल सेवक और संविधान सभा के संवैधानिक सलाहकार बीएन राव को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।

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दिग्विजय सिंह ने कहा कि बीएन राव केवल सलाहकार थे, संविधान सभा के सदस्य नहीं, और अंबेडकर के योगदान को नकारना गलत है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘आरएसएस ने संविधान की प्रतियां जलाईं और तिरंगे का विरोध किया, अब वह बाबासाहेब की प्रतिमा की स्थापना और उनके योगदान का विरोध कर रहा है।’’

कांग्रेस महासचिव और मध्य प्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि ग्वालियर में उच्च न्यायालय परिसर में अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने को लेकर विवाद पैदा किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया, “एक सुनियोजित साजिश के तहत संविधान निर्माता के योगदान पर सवाल उठाए जा रहे हैं। इस तरह के विवाद आरएसएस के नागपुर मुख्यालय से शुरू हो रहे हैं।

वहीं कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए मध्य प्रदेश भाजपा प्रमुख वीडी शर्मा ने कहा कि नेहरू ने हमेशा अंबेडकर को अपमानित किया था और भारत के लोग इसे अच्छी तरह जानते हैं। शर्मा ने दावा किया कि आरएसएस विश्व का सबसे बड़ा सामाजिक संगठन है और राष्ट्रीय सुरक्षा इसकी मुख्य प्राथमिकता है। शर्मा ने भोपाल स्थित भाजपा कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए आरोप लगाया, “आरएसएस देश के लिए समर्पित है और उसे कांग्रेस से सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। भारत के लोग जानते हैं कि नेहरू परिवार ने अंबेडकर का किस तरह अपमान किया।”

 

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