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ईरान मिशन के बाद लौटा बी-2 बॉम्बर

वॉशिंगटन, 23 जून 2025

ईरान के तीन न्यूक्लियर साइट्स पर बंकर बस्टर बम गिराने के 37 घंटे लंबे मिशन के बाद अमेरिका का बी-2 स्टील्थ बॉम्बर सुरक्षित वापस लौट आया है। इस ऑपरेशन के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बॉम्बर के पायलटों की सराहना की है। नॉर्थ्रॉप ग्रुम्मन कंपनी द्वारा निर्मित यह बॉम्बर अमेरिकी वायुसेना की रीढ़ माना जाता है। इसकी कीमत करीब 2 बिलियन डॉलर यानी लगभग 1734 करोड़ रुपये है।

बी-2 बॉम्बर का पहली बार परीक्षण 1989 में किया गया था। इसे उड़ाने के लिए कम से कम दो पायलट की जरूरत होती है। 2001 में अफगानिस्तान में तालिबान के खिलाफ भी अमेरिका ने इसका इस्तेमाल किया था। उस समय पांच बी-2 बॉम्बर्स ने तालिबानियों के ठिकानों पर भारी बमबारी की थी।

इस बॉम्बर की लंबाई 69 फीट और ऊंचाई 17 फीट है, जबकि इसके पंखों का फैलाव 172 फीट है। यह 50,000 फीट से भी अधिक ऊंचाई तक उड़ान भर सकता है और 20 टन तक का पेलोड ले जाने में सक्षम है। इसका डिजाइन फ्लाइंग विंग और सिल्हूट जैसा है, जो इसे रडार से लगभग गायब कर देता है। इसमें चार जनरल इलेक्ट्रिक F118-GE-100 टर्बोफैन इंजन लगे होते हैं।

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न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, इस स्टील्थ बॉम्बर के अंदर पायलटों की सुविधा का विशेष ध्यान रखा गया है। विमान में एक छोटा रेफ्रिजरेटर, ओवन, सोने के लिए बेड, आरामदायक सीटें, एयर कंडीशनिंग और एक शौचालय तक की व्यवस्था है, जिससे पायलट लंबी दूरी की उड़ान के दौरान बिना किसी असुविधा के मिशन पूरा कर सकें।

अमेरिकी मीडिया ‘एक्सियोस’ के मुताबिक, ईरान पर इस हमले से तीन दिन पहले व्हाइट हाउस में एक सीक्रेट बैठक हुई थी, जिसमें राष्ट्रपति ट्रंप ने सुरक्षा अधिकारियों से पूछा था कि क्या बी-2 बॉम्बर इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम दे सकता है। जब अधिकारियों ने सकारात्मक जवाब दिया, तब ट्रंप ने ऑपरेशन को हरी झंडी दे दी।

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