Uttar Pradesh

UP में ई-बस सेवा को नई रफ्तार : लखनऊ-कानपुर में एनसीसी मॉडल पर चलेंगी आधुनिक बसें

लखनऊ, 2 सितंबर 2025:

यूपी में सिटी ट्रांसपोर्ट को आधुनिक और व्यवस्थित बनाने की दिशा में योगी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में लखनऊ, कानपुर नगर और उनके आसपास के महत्वपूर्ण कस्बों में इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (एनसीसी) मॉडल पर चलाने का फैसला लिया गया।

नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने बताया कि अभी तक प्रदेश के 15 नगर निगमों में 743 ई-बसें संचालित हो रही हैं। इनमें से 700 बसें ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर चल रही हैं। अब लखनऊ और कानपुर नगर समेत आसपास के कस्बों में 10-10 रूटों पर 9 मीटर लंबी एसी ई-बसें चलाई जाएंगी। प्रत्येक रूट पर कम से कम 10 बसें अनिवार्य होंगी।

कॉन्ट्रैक्ट की अवधि संचालन तिथि से 12 वर्ष की होगी। अनुमान है कि प्रत्येक रूट पर करीब ₹10.30 करोड़ का व्यय आएगा, जिसमें से ₹9.50 करोड़ बसों की खरीद पर और 80 लाख चार्जिंग उपकरण व अन्य साधनों पर खर्च होगा।

नई व्यवस्था में बसों का डिजाइन, वित्तपोषण, खरीद, निर्माण, आपूर्ति और अनुरक्षण की जिम्मेदारी निजी ऑपरेटर निभाएंगे। उन्हें 90 दिनों में प्रोटोटाइप ई-बस उपलब्ध करानी होगी और एक साल के भीतर संचालन शुरू करना होगा। सभी किराया और गैर-किराया राजस्व का संग्रह निजी ऑपरेटर करेंगे, जबकि टैरिफ निर्धारण सरकार करेगी।

इसके साथ ही सरकार परिवहन विभाग और आरटीओ/आरटीए से आवश्यक लाइसेंस और परमिट जारी करेगी। ई-बसों के संचालन के लिए बिहाइंड-द-मीटर विद्युत अवसंरचना और अपॉर्चुनिटी चार्जिंग सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि इस मॉडल से वित्तीय बोझ कम होगा और सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होगी।

ये भी पढ़ें  अलीगढ़ में हैवान बने ससुराल वाले, पहले बहू की बेरहमी से की पिटाई फिर गुप्तांगों को गर्म लोहे से दागा, मौत

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link