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रूस ने बनाई कोलन कैंसर की वैक्सीन, प्रीक्लिनिकल ट्रायल्स में 80% तक सफल होने का दावा

नई दिल्ली, 8 सितंबर 2025:

कैंसर के इलाज में नई उम्मीद जगी है। रूस के वैज्ञानिकों ने कोलन (बड़ी आंत) कैंसर के लिए एक नई वैक्सीन विकसित की है। यह प्रीक्लिनिकल ट्रायल्स में सफल रही है। दावा किया गया है कि यह वैक्सीन ट्यूमर का आकार 80% तक घटा सकती है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रूस की फेडरल मेडिकल एंड बायोलॉजिकल एजेंसी की प्रमुख वेरोनिका स्क्वोर्सोवा ने बताया कि वैक्सीन बार-बार देने पर भी सुरक्षित और अत्यधिक प्रभावी है। इससे न सिर्फ ट्यूमर सिकुड़ा बल्कि मरीजों की जीवन दर भी बढ़ी। अब इसके इस्तेमाल के लिए आधिकारिक मंजूरी का इंतजार है।

इस वैक्सीन की कीमत करीब ढाई लाख रुपये होगी, हालांकि रूस सरकार अपने नागरिकों को इसे मुफ्त उपलब्ध कराएगी। शुरुआत में इसका उपयोग कोलोरेक्टल कैंसर (आंत और मलाशय) के मरीजों के इलाज में किया जाएगा। साथ ही, रूसी वैज्ञानिक त्वचा और आंख के कैंसर की वैक्सीन पर भी काम कर रहे हैं।

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वैक्सीन शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (इम्यून सिस्टम) को मजबूत कर कैंसर कोशिकाओं पर हमला करती है। अमेरिकन कैंसर सोसाइटी के अनुसार अब तक प्रोस्टेट और ब्लैडर कैंसर के लिए कुछ वैक्सीन उपलब्ध हैं, लेकिन कोलन कैंसर के लिए यह दुनिया की पहली बड़ी सफलता मानी जा रही है।

यह घोषणा रूस के व्लादिवोस्तोक में आयोजित 10वें ईस्टर्न इकोनॉमिक फोरम में की गई, जिसमें 75 से अधिक देशों के 8,400 से ज्यादा प्रतिभागी शामिल हुए।

वैश्विक स्तर पर बड़ी राहत

कोलन कैंसर दुनिया में सबसे तेजी से बढ़ते कैंसरों में से एक है। भारत में भी इसके मामले लगातार बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह वैक्सीन मंजूरी पाती और बड़े पैमाने पर उपलब्ध होती है, तो यह लाखों लोगों की जान बचाने में मददगार साबित हो सकती है।

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