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खतरे में हैं आपका फोन, टीवी और लैपटॉप! जानिए ज्वालामुखी की राख कैसे पहुंचा सकती है गैजेट्स को नुकसान

इथियोपिया के ज्वालामुखी फटने से उठी राख दिल्ली तक पहुंच गई और आपके मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और ड्रोन जैसे गैजेट्स के लिए खतरा बन सकती है।

न्यूज डेस्क, 25 नवंबर 2025 :

सोचिए, एक ज्वालामुखी फटता है और उसका असर सिर्फ पास के इलाके तक नहीं, बल्कि हजारों किलोमीटर दूर आपके शहर तक पहुँचता है। ठीक यही हाल हुआ इथियोपिया में, जहां 12 हज़ार साल बाद अचानक एक ज्वालामुखी फटा। विस्फोट से उठी राख और सल्फर डाइऑक्साइड लगभग 15 किलोमीटर ऊंची हवा में चली गई।

फोन, लैपटॉप और टीवी हो सकते हैं प्रभावित

यह राख लाल सागर पार करते हुए यमन और ओमान तक गई और दिल्ली के आसमान तक भी पहुंच गई। लेकिन इसका असर सिर्फ हवा और लोगों की सांसों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि आपके मोबाइल, लैपटॉप, टीवी और दूसरे गैजेट्स भी इस राख से खतरे में हैं।

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राख क्यों खतरनाक है?

गैजेट्स के विशेषज्ञ बताते हैं कि ज्वालामुखी की राख बहुत बारीक धूल की तरह होती है। इसमें कांच जैसे तेज़ कण और रसायन होते हैं, जो सामान्य धूल से भी ज्यादा नुकसानदेह हैं। फोन, लैपटॉप या टीवी में छोटे-छोटे छेद होते हैं-जैसे चार्जिंग पोर्ट, स्पीकर, माइक और कूलिंग फैन। राख इतनी बारीक है कि ये छेद आसानी से बंद कर देती है।

कैसे नुकसान करती है राख?

अगर चार्जिंग पोर्ट में जम जाए तो चार्जिंग नहीं होगी। लैपटॉप के फैन में जमने पर गैजेट गर्म होकर खराब हो सकता है। राख नमी सोख लेती है और चिपचिपी हो जाती है, जिससे शॉर्ट सर्किट हो सकता है। 2010 में आइसलैंड के ज्वालामुखी फटने पर यूरोप में हजारों गैजेट्स इसी वजह से खराब हुए थे।

फोन और कैमरा स्क्रीन पर जमा होने पर खरोंच और धुंधला फोटो बनता है। कैमरे का लेंस भी प्रभावित होता है। ड्रोन उड़ाने वाले बताते हैं कि राख के बाद उनका ड्रोन कभी ठीक नहीं होता।

क्या हैं बचाव के आसान उपाय?

अगर आपके इलाके में राख गिर रही हो तो फोन और लैपटॉप घर के अंदर रखें। बाहर हों तो गैजेट्स को बैग या कपड़े से ढकें। पावर सप्लाई, सर्वर जैसे डिवाइसेस को प्लास्टिक या टेप से सील करें, या पूरी तरह शटडाउन कर दें।

वेंट और पोर्ट में जमा राख हटाने के लिए कंप्रेस्ड एयर या मुलायम ब्रश इस्तेमाल करें, जोर-जोर से रगड़ें नहीं। थोड़ी सावधानी से आप अपने महंगे गैजेट्स को राख और शॉर्ट सर्किट से बचा सकते हैं।

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