बिजनेस डेस्क, 2 जनवरी 2026:
भारत के क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) सेक्टर में बड़ा बदलाव होने जा रहा है। देश की प्रमुख कंपनियों में शामिल देवयानी इंटरनेशनल लिमिटेड और सफायर फूड्स इंडिया लिमिटेड के विलय को दोनों कंपनियों के बोर्ड ने मंजूरी दे दी है। इस विलय के बाद भारत में केएफसी और पिज्जा हट का कारोबार एक ही, एकीकृत फ्रेंचाइजी के तहत संचालित होगा। माना जा रहा है कि इससे क्यूएसआर इंडस्ट्री में प्रतिस्पर्धा और मजबूती दोनों बढ़ेंगी।
शेयर स्वैप के जरिए होगा विलय
विलय योजना के तहत सफायर फूड्स का देवयानी इंटरनेशनल में समावेश किया जाएगा। इसके लिए शेयरों की अदला बदली का फार्मूला तय किया गया है। योजना के अनुसार, सफायर फूड्स के हर 100 शेयरों के बदले देवयानी इंटरनेशनल के 177 शेयर दिए जाएंगे। यह कदम दोनों कंपनियों के परिचालन को एक साथ लाकर बड़े स्तर पर काम करने की रणनीति का हिस्सा है।
मंजूरी की प्रक्रिया में लगेगा समय
हालांकि यह विलय अभी अंतिम रूप नहीं ले पाया है। इसे पूरा करने के लिए स्टॉक एक्सचेंज, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग, नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल, शेयरधारकों और कर्जदाताओं से मंजूरी लेनी होगी। कंपनियों का अनुमान है कि पूरी प्रक्रिया में करीब 12 से 15 महीने का समय लग सकता है। इस बीच दोनों कंपनियां अपने संचालन को सामान्य रूप से जारी रखेंगी।

यम ब्रांड्स की सहमति और फायदे की उम्मीद
केएफसी, पिज्जा हट और टाको बेल की मालिक अमेरिकी कंपनी यम ब्रांड्स ने इस विलय को अपनी मंजूरी दे दी है। विलय पूरा होने के बाद देवयानी इंटरनेशनल भारत की सबसे बड़ी क्यूएसआर कंपनियों में से एक बन जाएगी। कंपनी का कहना है कि बड़े पैमाने पर काम करने से लागत में कमी आएगी, सप्लाई चेन मजबूत होगी और मुनाफे में बढ़ोतरी होगी। अनुमान है कि विलय के दूसरे पूरे साल से हर साल करीब 210 से 225 करोड रुपये की बचत हो सकती है।
स्टोर नेटवर्क और अंतरराष्ट्रीय मौजूदगी मजबूत
विलय के साथ देवयानी इंटरनेशनल को हैदराबाद स्थित यम इंडिया द्वारा संचालित 19 केएफसी रेस्टोरेंट भी मिलेंगे। इसके बदले कंपनी यम इंडिया को एक बार का शुल्क और अतिरिक्त क्षेत्र के लिए लाइसेंस फीस देगी। देवयानी इंटरनेशनल के चेयरमैन रवि जयपुरिया के अनुसार, इससे श्रीलंका समेत अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कंपनी की मौजूदगी और मजबूत होगी। वर्तमान में देवयानी इंटरनेशनल भारत, नेपाल, नाइजीरिया और थाईलैंड में कई ब्रांड संचालित करती है, जबकि सफायर फूड्स के भारत और श्रीलंका में एक हजार से अधिक रेस्टोरेंट हैं। यम ब्रांड्स का मानना है कि यह विलय भारत में कारोबार की रफ्तार बढ़ाने और लंबे समय तक बेहतर नतीजे देने में मददगार साबित होगा।






