देहरादून, 5 जनवरी 2026:
उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित मेजर ध्यानचंद स्टेडियम में आयोजित ‘शब्दोत्सव’ कार्यक्रम के पंचम सत्र ‘धर्मरक्षक धामी’ में भाग लेते हुए राज्य सरकार की नीतियों, उपलब्धियों और भविष्य की दिशा पर विस्तार से अपने विचार रखे। इस अवसर पर उन्होंने स्पष्ट किया कि देवभूमि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान, सामाजिक समरसता और विधिसम्मत शासन व्यवस्था की रक्षा करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकारी भूमि पर सुनियोजित रूप से किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त अभियान चलाया गया है। इसके तहत अब तक 10,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया जा चुका है। उन्होंने बताया कि राज्य में अवैध ढांचों के विरुद्ध कार्रवाई पूरी तरह कानून के दायरे में की गई है। अब तक लगभग 600 ऐसे अवैध निर्माण हटाए गए हैं जिनमें किसी भी प्रकार के वैध अवशेष नहीं पाए गए।
शिक्षा के क्षेत्र में लिए गए अहम निर्णयों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 1 जुलाई 2026 के बाद केवल वही मदरसे संचालित हो सकेंगे जो राज्य शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम का पालन करेंगे। अब तक 250 से अधिक ऐसे मदरसों को बंद किया गया है जो तय मानकों पर खरे नहीं उतरते थे। उन्होंने दो टूक कहा कि यह कदम किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण और समान शिक्षा देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह प्रक्रिया केवल मतदाता सूची तक सीमित नहीं है बल्कि इससे सरकारी योजनाओं की पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन भी जुड़ा हुआ है। आयुष्मान योजना में अनुमान से अधिक खर्च का उदाहरण देते हुए उन्होंने सत्यापन की आवश्यकता को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड, आधार कार्ड और वोटर कार्ड के सत्यापन की प्रक्रिया पहले ही शुरू की जा चुकी है।
राज्य की विकास यात्रा पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में केंद्र और राज्य सरकार की दो लाख से अधिक योजनाएं संचालित हो रही हैं। नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) इंडेक्स में उत्तराखंड ने देश में पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में राज्य ‘अचीवर्स’ श्रेणी में रहा है। पर्यटन के क्षेत्र में भी राज्य को बेस्ट वाइल्डलाइफ और बेस्ट एडवेंचर डेस्टिनेशन जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केदारखंड और मानसखंड क्षेत्रों में तीर्थस्थलों का समग्र विकास किया जा रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड, बदरीनाथ मास्टर प्लान और ‘भव्य केदार, दिव्य केदार’ जैसी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि सही नीयत, दृढ़ संकल्प और पारदर्शी शासन के माध्यम से अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचाया जाएगा।






