लखनऊ, 7 जनवरी 2026:
यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत प्रदेश में अब तक हुई प्रगति और आगामी कार्ययोजना की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में मिशन के क्रियान्वयन, प्रशिक्षण ढांचे, डिजिटल प्लेटफॉर्म आईगॉट की स्थिति और विभिन्न विभागों में क्षमता संवर्धन से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा हुई। इस अवसर पर कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन की चेयरपर्सन एस राधा चौहान ने सीएम के समक्ष प्रदेश में मिशन कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रस्तुति दी।
सीएम योगी ने कहा कि ‘मिशन कर्मयोगी’ पीएम नरेन्द्र मोदी की एक परिवर्तनकारी पहल है। इसका उद्देश्य वैश्विक दृष्टिकोण के साथ भारतीय संस्कृति और लोकाचार में निहित मूल्यों को आत्मसात करते हुए सक्षम, संवेदनशील और परिणामोन्मुख मानव संसाधन तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह मिशन शासन व्यवस्था को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप ढालने में निर्णायक भूमिका निभा रहा और सुशासन की नींव को मजबूत कर रहा है।

बैठक में बताया गया कि मिशन कर्मयोगी के तहत केंद्र सरकार में 30 लाख से अधिक सिविल सेवकों, राज्यों में लगभग 2.2 करोड़ कार्मिकों तथा शहरी स्थानीय निकायों और पंचायती राज संस्थाओं में करीब 50 लाख कार्मिकों को क्षमता संवर्धन से जोड़ने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अंतर्गत देश भर के 790 से अधिक सरकारी प्रशिक्षण संस्थानों को आधुनिक और सुदृढ़ बनाया जा रहा है।
सभी सिविल सेवकों के सतत और समग्र ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए स्थापित आईगॉट (इंटीग्रेटेड गवर्नमेंट ऑनलाइन ट्रेनिंग) प्लेटफॉर्म आज विश्व का सबसे बड़ा सरकार-प्रेरित क्षमता निर्माण मंच बन चुका है। इस प्लेटफॉर्म पर अब तक 1.45 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता पंजीकृत हो चुके हैं। यहां 4,179 प्रशिक्षण पाठ्यक्रम उपलब्ध हैं। इनमें 840 से अधिक पाठ्यक्रम हिंदी में तथा 15 अन्य क्षेत्रीय भाषाओं में 540 से अधिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। अब तक 6.7 करोड़ से अधिक पाठ्यक्रम पूरे किए जा चुके हैं। पाठ्यक्रम पूर्णता दर 70 प्रतिशत से अधिक रही है। आईगॉट एप को 50 लाख से अधिक बार डाउनलोड किया जा चुका है।
सीएम को अवगत कराया गया कि आईगॉट कर्मयोगी के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश का अग्रणी राज्य बनकर उभरा है। प्रदेश से 18.8 लाख से अधिक कार्मिक प्लेटफॉर्म पर ऑनबोर्ड हो चुके हैं। ये वर्ष 2025 में देश भर की कुल ऑनबोर्डिंग का 93 प्रतिशत है। वहीं, 10 लाख से अधिक उपयोगकर्ताओं ने कम से कम एक प्रशिक्षण पाठ्यक्रम सफलतापूर्वक पूरा किया है। अब तक प्रदेश से 72 लाख से अधिक पाठ्यक्रम पूर्ण किए जा चुके, जो वर्ष 2025 में देश की कुल पाठ्यक्रम पूर्णताओं का 99 प्रतिशत है।
सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी विभाग अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप पाठ्यक्रम तैयार कर आईगॉट पोर्टल पर अपलोड करें। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए सात दिवसीय कैपेसिटी बिल्डिंग कार्यक्रम को अनिवार्य करने और इसे प्रमोशन व एसीआर से जोड़ने के निर्देश भी दिए। साथ ही प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों में एआई और साइबर सिक्योरिटी को अनिवार्य रूप से शामिल करने पर जोर दिया।
सीएम ने कहा कि आईगॉट के केस स्टडी प्लेटफॉर्म ‘अमृत ज्ञान कोश’ में प्रदेश की उत्कृष्ट केस स्टडीज को भी अपलोड किया जाए। उन्होंने एएनएम, आशा कार्यकर्ता, पुलिस कांस्टेबल, पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों से जुड़े फील्ड कर्मियों के लिए व्यवहारिक, कार्य-आधारित और जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ज्ञान, कौशल और सकारात्मक दृष्टिकोण के समन्वय से ही जनसेवा की गुणवत्ता में वास्तविक सुधार संभव है और मिशन कर्मयोगी इसी दिशा में एक सशक्त माध्यम है।






