मनोरंजन डेस्क, 10 जनवरी 2026:
“ग्रीक गॉड” कहे जाने वाले ऋतिक रोशन की जिंदगी जितनी ग्लैमरस दिखती है, उतनी ही संघर्षों से भरी भी रही है। वह बचपन में हकलाने की गंभीर समस्या से परेशान थे। छोटे-छोटे शब्द बोलना भी उनके लिए मुश्किल होता था। कई बार वे खुद को बाथरूम या अलमारी में बंद कर लेते थे ताकि कोई उनकी परेशानी न देख सके। लेकिन मेहनत, अनुशासन और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने इस कमजोरी को अपनी ताकत में बदल दिया।

25 साल पहले हुआ ऐतिहासिक डेब्यू
आज से करीब 25 साल पहले फिल्म ‘कहो ना प्यार है’ से एक नया चेहरा सामने आया, जिसने पहली ही फिल्म से इतिहास रच दिया। ऋतिक रोशन रातों-रात स्टार बन गए और देश का नेशनल क्रश कहलाए। उनकी मासूमियत, डांस और स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों का दिल जीत लिया।
हर किरदार में खुद को नया बनाया
‘कोई मिल गया’ के रोहित से लेकर ‘जोधा अकबर’ के सम्राट, ‘धूम 2’ के आर्यन, ‘गुजारिश’, ‘सुपर 30’ और ‘विक्रम वेधा’ तक ऋतिक ने हर बार खुद को तोड़ा, बदला और बेहतर बनाया। उन्होंने कभी खुद को एक इमेज में नहीं बांधा और हर फिल्म में नया रूप दिखाया।
फिल्मी परिवार से होने के बावजूद आसान नहीं रहा रास्ता
10 जनवरी 1974 को मुंबई में जन्मे ऋतिक रोशन, निर्देशक राकेश रोशन के बेटे हैं। बचपन से ही फिल्मी माहौल में पले-बढ़े, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि उनका सफर आसान था। हकलाने की समस्या से बाहर निकलने के लिए उन्होंने लगातार अभ्यास किया और खुद पर भरोसा बनाए रखा।

अभिनय, डांस और फिटनेस का परफेक्ट मेल
आज ऋतिक रोशन सिर्फ एक अभिनेता नहीं, बल्कि स्टाइल, फिटनेस और डांस का आइकन बन चुके हैं। उनके नाम कई फिल्मफेयर अवॉर्ड हैं, दुनियाभर में जबरदस्त फैनबेस है और उन्हें बॉलीवुड के बेहतरीन डांसरों में गिना जाता है। उनकी मुस्कान, एनर्जी और दमदार लुक आज भी दर्शकों को दीवाना बनाते हैं।
सिर्फ स्टार नहीं, एक इंस्पिरेशन
52वें जन्मदिन पर ऋतिक रोशन सिर्फ एक सुपरस्टार नहीं, बल्कि लाखों लोगों के लिए प्रेरणा हैं। बचपन की कमजोरी को मात देकर उन्होंने साबित किया कि मेहनत और आत्मविश्वास से कोई भी सपना पूरा किया जा सकता है।






