लखनऊ, 16 जनवरी 2026:
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार की योजनाओं ने प्रदेश के आकांक्षात्मक विकास खंडों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी है। अब विकास सिर्फ कागजों पर नहीं, बल्कि गांवों की जमीन पर नजर आ रहा है। केंद्र और राज्य से प्राप्त प्रोत्साहन राशि का सदुपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, ऊर्जा, कौशल और आधारभूत सुविधाओं के विकास में किया गया है।
इस कड़ी में बरेली के मझगवां विकास खंड में दो उच्च प्राथमिक विद्यालयों में एस्ट्रोनॉमी लैब बनाई गई है, जिससे ग्रामीण बच्चों को आधुनिक विज्ञान और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा गया है। इसी तरह न्याय पंचायत गैनी में पुस्तकालय का निर्माण कर छात्रों की पढ़ाई और ज्ञान बढ़ाने की पहल की गई। मझगवां के बेहटा बुजुर्ग गांव में मिनी स्टेडियम और ओपन जिम का निर्माण किया गया। यह पहल युवाओं को खेलों से जोड़ने के साथ-साथ उन्हें स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और नशामुक्त जीवन जीने की दिशा में भी प्रेरित कर रही है।

वहीं बदायूं के वजीरगंज विकास खंड में कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में छात्राओं की सुरक्षा के लिए सीसी रोड और बाउंड्री वॉल बनाई गई। यह पहल यह दिखाती है कि योगी सरकार बेटी की सुरक्षा और शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। साथ ही बलिया के सोहांव विकास खंड में विकास खंड कार्यालय भवन पर 10 किलोवाट क्षमता का रूफटॉप सोलर पैनल सिस्टम लगाया गया। इससे बिजली खर्च कम हुआ और सरकारी कार्यालयों में ग्रीन एनर्जी मॉडल को बढ़ावा मिला।
आकांक्षात्मक विकास खंडों में स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, मानव संसाधन और कौशल विकास में लक्षित निवेश किया गया है। गर्भवती महिलाओं, बच्चों और किशोरियों से जुड़े कार्यक्रमों पर विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे सामाजिक और मानव विकास सूचकांक में सुधार देखने को मिल रहा है।
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यह बदलाव योगी सरकार के सुशासन, पारदर्शिता और निगरानी आधारित मॉडल का नतीजा है। प्रोत्साहन राशि का उपयोग केवल निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि स्थायी लाभ, सामुदायिक भागीदारी और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया गया। ये आकांक्षात्मक ब्लॉक अब प्रेरणादायी विकास की मिसाल बनते जा रहे हैं और उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए रोल मॉडल बन सकते हैं।






