Lucknow CityNationalUttar Pradesh

पीएम आवास योजना : दो लाख लाभार्थियों के खाते में योगी ने भेजे 2000 करोड़

इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित हुआ समारोह, प्रत्येक लाभार्थी के खाते में 1-1 लाख की धनराशि डीबीटी के जरिए ट्रांसफर की, अयोध्या के अनुसूचित परिवार का किस्सा बताकर कहा- आर्थिक स्वावलंबन का भी आधार बन रहे आवास

लखनऊ, 18 जनवरी 2026:

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य के 2 लाख से अधिक लोगों को आज रविवार को बड़ी सौगात दी। राजधानी स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित समारोह में सीएम ने पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत लाभार्थियों के खाते में 2000 करोड़ की पहली क़िस्त डीबीटी के जरिए भेज दी। कार्यक्रम में केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर वर्चुअली जुड़े रहे वहीं नगर विकास मंत्री एके शर्मा भी मौजूद रहे।

सीएम ने कहा कि 62 लाख परिवार आजादी के बाद पहली बार अपने स्वयं के आवास की सुविधा को प्राप्त कर रहे हैं, इसका श्रेय प्रधानमंत्री के विजन को जाता है, उनके नेतृत्व को जाता है। हम बचपन से ‘रोटी, कपड़ा और मकान’, इन तीनों को जीवन की बुनियादी आवश्यकताओं के रूप में सुनते आए हैं। आज प्रधानमंत्री ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से ये तीनों सुविधाएं आमजन को उपलब्ध कराई हैं। रोटी के लिए राशन कार्ड, कपड़े के लिए मिशन रोजगार और मकान के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना। आज क़िस्त पाकर मौनी अमावस्या पर्व और शुभ हो गया।

WhatsApp Image 2026-01-18 at 6.30.14 PM

ये भी पढ़ें:

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में हम लोगों ने अब तक 60 लाख से अधिक लाभार्थियों को ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिया है। सभी लोग पीएम को धन्यवाद कार्ड जरूर भेजें। अफसर ये भी सुनिश्चित करें कि किसी लाभार्थी के साथ चीटिंग न हो। सस्ते दर पर मैटीरियल मिले, समयबद्ध निर्माण हो और टाइम पर दूसरी क़िस्त मिल जाये। स्वच्छ भारत मिशन ने स्वच्छता की एक नई क्रांति लाई है। लोगों ने स्वच्छता को अपने जीवन का हिस्सा बनाया है। सरकार ने माफिया को दूर किया, आपने गंदगी को दूर किया इससे उत्तर प्रदेश तेजी से आगे बढ़ गया। यही परिवर्तन का आधार है।

WhatsApp Image 2026-01-18 at 6.30.15 PM

उन्होंने अयोध्या के एक लाभार्थी का जिक्र करते हुए कहा कि मैं उस परिवार से मिला। वो बहुत भावुक हुए। मैंने उनसे पूछा कि क्या बदलाव आया तो उन्होंने बताया कि अपना घर होने की उम्मीद में कुछ पूंजी जुटाई थी लेकिन इतनी नहीं हुई कि आवास बना सकूं। जैसे ही योजना में मेरा चयन हो गया तो मैंने जमा की गई पूंजी से बेटे के लिये ई रिक्शा खरीद लिया। अब एक निश्चित आय का जरिया हो गया है। अब मेरा परिवार आर्थिक रूप से स्वावलंबी हो गया है। अयोध्या के एक अनुसूचित जाति के उस परिवार की कहानी है जो पहले दर-दर भटकता था, आज उसके पास अपना आवास है। उसका आवास आर्थिक स्वावलंबन का आधार बना है।

ये भी पढ़ें  "हत्या-रंगदारी के 10 केस, दाऊद का 'गुरु': 5 साल बाद अस्पताल से जेल लौटा सुभाष ठाकुर"

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Back to top button
Secret Link