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दो दशक बाद ऐतिहासिक फैसला… भारत-EU के बीच FTA बना गेम चेंजर, जानिए इस करार से क्या होगा बदलाव

भारत और यूरोपीय संघ ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर कर लिए हैं, जिसे प्रधानमंत्री मोदी ने भारत का अब तक का सबसे बड़ा और गेम चेंजर करार दिया है। यह करार व्यापार, रोजगार, ऑटो सेक्टर और रक्षा सहयोग को नई गति देगा

नई दिल्ली, 27 जनवरी 2026:

भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच लंबे समय से चल रही मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) की बातचीत आज सफलतापूर्वक पूरी हो गई। दोनों पक्षों ने इस संबंध में आधिकारिक दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर दिए हैं। इसके साथ ही सुरक्षा, रक्षा साझेदारी और लोगों की आवाजाही को लेकर व्यापक ढांचे से जुड़े समझौतों पर भी सहमति बनी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे भारत का अब तक का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता बताया है।

पीएम मोदी बोले-यह केवल व्यापार नहीं, साझा समृद्धि का रास्ता

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत ईयू एफटीए सिर्फ एक व्यापारिक समझौता नहीं है, बल्कि यह साझा समृद्धि का नया रोडमैप है। उन्होंने इसे भारत और यूरोप दोनों के लिए गेम चेंजर बताया। पीएम के अनुसार, यह करार निवेश, रोजगार और तकनीकी सहयोग के नए अवसर खोलेगा और दोनों क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।

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ईयू नेतृत्व ने बताया ऐतिहासिक दिन

यूरोपीय संघ (EU) के नेता एंटोनियो कोस्टा ने इस समझौते को ऐतिहासिक करार देते हुए कहा कि इससे व्यापार, सुरक्षा और लोगों के आपसी संबंधों में एक नया अध्याय शुरू हो रहा है। उन्होंने बताया कि इस समझौते से करीब दो अरब लोगों का साझा बाजार तैयार हो रहा है। वहीं यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने इसे “मदर ऑफ ऑल डील्स” बताया और कहा कि इससे दोनों पक्षों में लाखों रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

लग्जरी कारों के दाम घटने की उम्मीद, ऑटो सेक्टर को राहत

करीब दो दशक के इंतजार के बाद हुए इस समझौते को व्यापार जगत के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। एफटीए के तहत यूरोपीय कारों पर लगने वाले भारी टैक्स में बड़ी कटौती की गई है। इससे भारत में लग्जरी गाड़ियों की कीमतें कम होने की संभावना है, जिससे उपभोक्ताओं और ऑटो सेक्टर दोनों को फायदा मिलेगा।

रक्षा और सुरक्षा सहयोग भी मजबूत होगा

भारत और यूरोपीय संघ ने रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए रक्षा क्षेत्र में सप्लाई चेन को जोड़ने पर भी चर्चा की है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और ईयू की विदेश व सुरक्षा मामलों की प्रमुख काजा कालास के बीच हुई बैठक में भरोसेमंद रक्षा इकोसिस्टम और भविष्य की जरूरतों के लिए तैयार क्षमताओं पर बातचीत हुई। राजनाथ सिंह ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच रक्षा सहयोग को नई दिशा मिलेगी।

आंकड़े बताते हैं मजबूत होते रिश्ते

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2024-25 में भारत और यूरोपीय संघ के बीच द्विपक्षीय व्यापार 190 अरब डॉलर से अधिक हो गया है। इस दौरान भारत ने ईयू को 75.9 अरब डॉलर का सामान और 30 अरब डॉलर की सेवाएं निर्यात कीं। वहीं यूरोपीय संघ ने भारत को 60.7 अरब डॉलर का सामान और 23 अरब डॉलर की सेवाएं भेजीं। ये आंकड़े दोनों के बढ़ते आर्थिक भरोसे को दिखाते हैं।

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