योगेंद्र मलिक
देहरादून, 30 जनवरी 2026:
उत्तराखंड सरकार ने मंत्रियों के यात्रा भत्तों में बढ़ोतरी कर दी है। सरकारी आदेश के तहत मंत्रियों को मिलने वाले मासिक यात्रा व्यय की अधिकतम सीमा 60 हजार रुपये से बढ़ाकर 90 हजार रुपये कर दी गई है। यह संशोधन प्रभावी हो गया है।
उत्तराखंड शासन के मंत्री परिषद अनुभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तर प्रदेश मंत्री (यात्रा भत्ता) नियमावली 1997 में संशोधन किया गया है। नई व्यवस्था के तहत मुख्यमंत्री, कैबिनेट मंत्री, राज्य मंत्री और उप मंत्री अब प्रदेश के भीतर की आधिकारिक यात्राओं पर प्रति माह अधिकतम 90 हजार रुपये तक का पूर्ण व्यय प्राप्त कर सकेंगे। पहले यह सीमा 60 हजार रुपये निर्धारित थी, यानी सीधे 30 हजार रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
यह पहला मौका नहीं है जब जनप्रतिनिधियों के वेतन-भत्तों में वृद्धि की गई हो। अगस्त 2024 में विधानसभा से पारित संशोधन विधेयक के बाद विधायकों के वेतन और भत्ते बढ़ाकर लगभग चार लाख रुपये प्रतिमाह कर दिए गए थे। इससे पहले वर्ष 2023 में दायित्वधारियों के मानदेय में करीब 45 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई थी, जबकि 2025 में पूर्व विधायकों की पेंशन बढ़ाने का निर्णय भी लिया गया।
फिलहाल यह फैसला ऐसे समय पर लिया गया है, जब उत्तराखंड पर कर्ज का बोझ काफी बढ़ चुका है। बीते 25 वर्षों में राज्य का कर्ज लगभग 4,500 करोड़ रुपये से बढ़कर करीब 80 हजार करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। प्रदेश सरकार हर महीने केवल ब्याज चुकाने में ही करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, जिससे विकास कार्यों पर दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।






