अयोध्या, 4 फरवरी 2026:
रामनगरी अयोध्या में सरयू तट पर स्थित ऐतिहासिक गुप्तारघाट एक बार फिर अपने वैभव की ओर बढ़ रहा है। योगी सरकार की रामराज्य की परिकल्पना के अनुरूप गुप्तारघाट को विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस क्रम में यहां चल रहा तीसरे चरण का विकास कार्य अब अंतिम दौर में पहुंच चुका है। इस चरण का सबसे बड़ा आकर्षण ओपन एयर थियेटर है। इसे होली तक श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए खोलने की तैयारी है।
गुप्तारघाट का धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व अत्यंत विशेष है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने इसी घाट से जल समाधि ली थी और यहीं से सरयू नदी में अंतिम बार प्रवेश किया था। यही कारण है कि यह स्थान राम भक्तों की आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है। सरकार इसे न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से भी अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने में जुटी है।

पहले और दूसरे चरण में घाट का सौंदर्यीकरण, आधुनिक पार्क, वॉटर स्पोर्ट्स, योग एवं ध्यान केंद्र, लाइटिंग और अन्य सुविधाएं विकसित की जा चुकी हैं। अब तीसरे चरण में लगभग 18.34 करोड़ रुपये की लागत से अंतिम छोर का विकास किया जा रहा है। इसमें पार्किंग क्षेत्र, पाथवे, टिकट घर, गार्ड रूम, टॉयलेट ब्लॉक, किचन, इंटरप्रिटेशन सेंटर, भित्ति चित्र, बाउंड्री वॉल और अन्य संरचनात्मक कार्य शामिल हैं।
ओपन एयर थियेटर इस परियोजना का केंद्रबिंदु है। यहां रामायण आधारित नाटक, रामलीला, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जाएंगी। थियेटर परिसर में रावण वध का दृश्य, हनुमान जी की विशाल प्रतिमा और जटायु की भव्य मूर्ति स्थापित की जा रही हैं, जो राम कथा को जीवंत रूप में प्रस्तुत करेंगी। शाम के समय सरयू तट पर इन प्रस्तुतियों को देखना श्रद्धालुओं के लिए एक अविस्मरणीय अनुभव होगा।

पर्यटन विभाग की इस परियोजना को यूपी प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड क्रियान्वित कर रहा है। परियोजना प्रबंधक मनोज शर्मा के अनुसार अब तक करीब 90 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है। कार्यों में विस्तार के कारण परियोजना में कुछ विलंब हुआ लेकिन फरवरी तक निर्माण पूर्ण कर मार्च यानी होली के आसपास इसे जनता के लिए खोल दिया जाएगा। राम मंदिर के बाद गुप्तारघाट का यह विकास अयोध्या की वैश्विक छवि को और सशक्त करेगा।






