लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सिंचाई विभाग ने सिरे से काम शुरू किया गया है। सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में सात नई ड्रेन परियोजनाएं शुरू करने का फैसला किया है। इन पर 75 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके साथ ही प्रदेश भर में 17,500 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का लक्ष्य भी तय किया गया है।
सरकार का फोकस जल निकासी को दुरुस्त करने, बाढ़ की दिक्कत कम करने और किसानों को समय पर पानी उपलब्ध कराने पर है। विभाग का कहना है कि इन कामों से खेती को सीधा फायदा मिलेगा और ग्रामीण इलाकों में जलभराव की परेशानी घटेगी।
वर्ष 2025-26 में गोण्डा, हापुड़ और मेरठ में एक-एक नई ड्रेन बनाई जाएगी। वहीं बिजनौर और बहराइच में दो-दो ड्रेन परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इन सभी परियोजनाओं पर 74.33 करोड़ रुपये खर्च होंगे। अधिकारियों के मुताबिक इन ड्रेन के बन जाने से संबंधित इलाकों में जल निकासी बेहतर होगी। खेतों में पानी भरने की समस्या कम होगी और किसानों को सिंचाई के लिए राहत मिलेगी। इससे हर खेत तक पानी पहुंचाने की योजना को भी मजबूती मिलेगी।
ड्रेनों में हर साल गाद और सिल्ट जमा हो जाती है। इससे पानी का बहाव रुकता है और कई जगह जलभराव की स्थिति बन जाती है। इसी को देखते हुए इस वित्तीय वर्ष में 17,500 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का लक्ष्य तय किया गया है। अब तक 11,065 किलोमीटर ड्रेनों की सफाई का काम लगभग पूरा हो चुका है। बाकी काम मार्च 2026 तक खत्म करने की तैयारी है। विभाग की ओर से काम की लगातार निगरानी की जा रही है ताकि तय समय में काम पूरा हो और गुणवत्ता पर कोई असर न पड़े।






