लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
यूपी विधानमंडल के बजट सत्र के दौरान बुधवार को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9.12 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया। सरकार ने इस बजट में निवेश बढ़ाने, रोजगार सृजन, बुनियादी ढांचे के विकास और कल्याणकारी योजनाओं को प्राथमिकता देने का दावा किया है। शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार जैसे अहम क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करने की बात कही गई है।
बजट पेश होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में कैबिनेट बैठक हुई, जिसमें बजट प्रस्तावों को अंतिम रूप दिया गया। सदन में बजट पेश होते ही विधानसभा स्पीकर सतीश महाना ने सभी विधायकों से पूरे बजट को ध्यान से पढ़ने और जनता के हित में जरूरी योजनाओं पर सार्थक चर्चा करने की अपील की। उन्होंने कहा कि बजट अगले वित्तीय वर्ष की योजनाओं का रोडमैप होता है, इसलिए इसे गंभीरता से देखा जाना चाहिए।

हालांकि, आज बजट सत्र की शुरुआत सियासी ड्रामे के साथ हुई। समाजवादी पार्टी के विधायकों ने सरकार के खिलाफ अनोखा विरोध जताया। वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप समेत अन्य नेताओं के मुखौटे पहनकर विधानसभा परिसर पहुंचे, जिससे सत्र के पहले ही दिन माहौल गर्म हो गया।
विपक्ष ने बजट पर तीखे सवाल उठाए। सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने इसे विजनहीन और भ्रष्टाचार से भरा बजट बताते हुए जनता के साथ धोखे का आरोप लगाया। वहीं नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि पिछले वर्षों का बजट पूरी तरह खर्च नहीं हो पाया है और सरकार सिर्फ संभावनाओं के आधार पर बजट बनाती है। उनके मुताबिक, चुनावी साल को देखते हुए इस बार का बजट भी राजनीतिक संदेश देने वाला होगा।







