Uttar Pradesh

UP बजट 2026 : पर्यटन-संस्कृति को बड़ा प्रोत्साहन, अयोध्या से वाराणसी तक आध्यात्मिक सर्किट को नई रफ्तार

विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार के लिए 100-100 करोड़ की व्यवस्था, वाराणसी-मिर्जापुर क्षेत्र को प्रमुख आध्यात्मिक-सांस्कृतिक सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा

लखनऊ, 11 फरवरी 2026:

यूपी के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बुधवार को वित्तीय वर्ष 2026-27 का बजट पेश करते हुए पर्यटन और संस्कृति को विकास का इंजन बताया। कुल 9.13 लाख करोड़ के इस बजट का आकार पिछले वर्ष से करीब 12.2% अधिक है। सरकार का फोकस बुनियादी ढांचा, जनकल्याण और विकासोन्मुखी क्षेत्रों के साथ-साथ प्रदेश को भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक राजधानी के रूप में मजबूत पहचान दिलाने पर है।

पर्यटन को गति देने के लिए मुख्यमंत्री पर्यटन विकास योजना के तहत ₹500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। अयोध्या में पर्यटन अवसंरचना के लिए ₹150 करोड़, नैमिषारण्य में ₹100 करोड़ और ब्रज क्षेत्र (मथुरा) में तीर्थ एवं पारिवारिक पर्यटन को सशक्त बनाने के लिए विशेष विकास कार्य प्रस्तावित हैं। विंध्यवासिनी देवी धाम और वाराणसी में पर्यटक सुविधाओं के विस्तार हेतु ₹100-100 करोड़ की व्यवस्था की गई है। इससे वाराणसी-मिर्जापुर क्षेत्र को प्रमुख आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक सर्किट के रूप में विकसित किया जाएगा।

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इसके साथ ही प्रदेश में 5,000 नए होमस्टे विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि ठहरने की सुविधाएं बढ़ें और स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले। आंकड़े बताते हैं कि जनवरी से जून 2025 के बीच प्रदेश में लगभग 122 करोड़ पर्यटक आए जिनमें 121 करोड़ से अधिक घरेलू और 33 लाख से ज्यादा विदेशी पर्यटक शामिल हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार वाराणसी में पर्यटक संख्या 2024 के 11.01 करोड़ से बढ़कर 2025 में 17.30 करोड़ हो गई, जबकि अयोध्या में यह 16.44 करोड़ से बढ़कर 29.95 करोड़ के पार पहुंची। प्रयागराज में महाकुंभ 2025 के दौरान 66 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं की ऐतिहासिक उपस्थिति दर्ज हुई। मिर्जापुर और चित्रकूट में भी पर्यटकों की संख्या में उल्लेखनीय उछाल आया है।

सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में बलरामपुर में थारू जनजाति संस्कृति संग्रहालय, वाराणसी के रामनगर में लाल बहादुर शास्त्री के पैतृक निवास पर संग्रहालय और बटेश्वर में अटल बिहारी वाजपेयी सांस्कृतिक संकुल जैसे प्रोजेक्ट पूरे हो चुके हैं। लखनऊ के ऐशबाग में डॉ. भीमराव आंबेडकर स्मारक व सांस्कृतिक केंद्र निर्माणाधीन है।

महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिला गाइड प्रशिक्षण के लाइसेंस शुल्क में छूट का प्रावधान भी किया गया है। सरकार का मानना है कि इन पहलों से पर्यटकों का औसत प्रवास दो-तीन दिन से बढ़कर लगभग एक सप्ताह तक होगा, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और रोजगार को व्यापक बढ़ावा मिलेगा।

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