लखनऊ, 11 फरवरी 2026:
उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट 2026 में वन एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर बड़े और दूरगामी कदमों की घोषणा की है। विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत बजट में प्रदेश को हरित प्रदेश बनाने की दिशा में कई अहम प्रस्ताव रखे गए हैं। सरकार ने आगामी वर्षाकाल में 35 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य तय किया है। इससे राज्य के वनावरण और पर्यावरण संतुलन को और मजबूती मिलेगी।
वित्त मंत्री ने बताया कि योगी सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में 242.13 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं। व्यापक स्तर पर चलाए गए पौधरोपण अभियानों के चलते उत्तर प्रदेश वनावरण व वृक्षादन में वृद्धि के मामले में देश में दूसरे स्थान पर पहुंचा है। यह उपलब्धि राज्य के लिए न केवल पर्यावरणीय बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर गौरव की बात मानी जा रही है।
बजट में सामाजिक वानिकी योजना के लिए 800 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसस गांवों, सड़कों के किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर हरियाली को बढ़ावा मिल सकेगा। पौधशाला प्रबंधन योजना के लिए 220 करोड़ रुपये तथा राज्य प्रतिकारात्मक वन रोपण योजना के लिए 189 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे पौधों के उत्पादन और रोपण की गुणवत्ता में सुधार होगा।

पर्यावरण पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लखनऊ के कुकरैल वन क्षेत्र में नाइट सफारी पार्क की स्थापना के लिए करीब 207 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। वहीं चित्रकूट के रानीपुर बांध फाउंडेशन के कॉर्पस फंड के गठन के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इससे क्षेत्रीय संरक्षण परियोजनाओं को मजबूती मिलेगी।
पर्यावरणीय प्रदूषण से निपटने के लिए प्रदेश में परिसंकटमय अपशिष्ट, जैव-चिकित्सा अपशिष्ट और ई-वेस्ट रिसाइकिलिंग व ट्रीटमेंट सुविधाओं की स्थापना की जा रही है। इसके साथ ही विश्व बैंक सहायतित उत्तर प्रदेश क्लीन एयर मैनेजमेंट प्रोजेक्ट को 2025-26 से 2030-31 तक लागू किया जाएगा। इसके लिए बजट में 194 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। सरकार का दावा है कि इन पहलों से प्रदेश में स्वच्छ हवा, हरियाली और सतत विकास को नई दिशा मिलेगी।






