Hardoi City

खून से लथपथ युवक ने कहा…’जिंदा हूं, भाई को आने दो’, हमलावरों के नाम बताकर दम तोड़ बैठा

पाली थाना क्षेत्र में दिव्यांग युवक की चाकू मारकर हत्या, भाई मथुरा में डिप्टी कमिश्नर (उद्योग) के पद पर तैनात, गैस एजेंसी से जुड़े पुराने विवाद में वारदात का शक, एक आरोपी हिरासत में

हरदोई, 15 फरवरी 2026:

हरदोई जिले में मथुरा में तैनात डिप्टी कमिश्नर (उद्योग) के भाई की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावर घर में घुस आए और चाकू से पेट फाड़ दिया। खून से लथपथ आंगन में जमीन पर पड़े युवक की आंतें बाहर आ गईं थीं। उसकी चीखें सुनकर मजमा जुट गया। युवक ने मौत से पहले लोगों से कहा- मरा नहीं जिंदा हूं मैं, भाई को आने दो, वो हमलावरों के नाम भी बताता रहा। फिलहाल इलाज के दौरान उसकी जान नहीं बच सकी।

घटना पाली थाना क्षेत्र के मुड़रामऊ गांव की है। यहां डिप्टी कमिश्नर रामेंद्र कुमार का पैतृक घर है, जहां उनकी मां गोमती और छोटे भाई विजय प्रताप रहते थे। हमलावर सुबह घर में दाखिल हुए और विजय प्रताप पर बांके से हमला कर दिया। पैर से दिव्यांग होने के कारण वो भाग तो नहीं सका लेकिन घिसटकर आंगन तक आ गया। चीख-पुकार सुनकर परिवार और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, तब तक हमलावर फरार हो चुके थे। विजय गंभीर रूप से घायल हालत में आंगन में पड़ा था और शरीर से लगातार खून बह रहा था।

'I'm Alive, Let My Brother Come' A Tragic Murder (1)

परिजनों के मुताबिक हमले में उसकी आंतें बाहर आ गई थीं। दर्द के बावजूद वह होश में था और खुद को संभालने की कोशिश करता रहा। पड़ोसी जब उसे अस्पताल ले जाते उससे पहले उसने कहा कि वह अभी जिंदा है, मेरे भाई को बुला दो। वो एक के बाद एक हमलावरों के नाम बताता रहा। इसका वीडियो भी बनाया गया। हालत बिगड़ती देख लोगों ने आंतों को समेटकर उसे तुरंत पाली सीएचसी पहुंचाया। वहां से डॉक्टरों ने मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां करीब दो घंटे इलाज के बाद उसकी मौत हो गई।

मरने से पहले विजय ने गांव के ही इंद्रपाल और उसके साथियों पर साजिश के तहत हमला करने का आरोप लगाया। मां गोमती ने बताया कि सुबह शोर सुनकर बाहर आईं तो बेटा खून से लथपथ पड़ा था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। एक नामजद आरोपी इंद्रपाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

बता दें कि परिवार पर यह दूसरा बड़ा हमला है। जून 2023 में विजय के पिता दयाराम की भी हत्या कर दी गई थी। वह खेत जा रहे थे, तभी गांव के विवाद में बीच-बचाव करने पर उन पर हमला हुआ था। लखनऊ ले जाते समय उनकी मौत हो गई थी। जांच में सामने आया था कि विजय प्रताप के नाम वर्ष 2013 में भारत गैस एजेंसी मंजूर हुई थी, जिसे गांव के ही एक व्यक्ति ने निरस्त कराकर कथित तौर पर फर्जी तरीके से अपने नाम करा लिया था। इस मामले में मुकदमा दर्ज हुआ और एजेंसी भी निरस्त कर दी गई। तभी से दोनों पक्षों के बीच दुश्मनी चली आ रही थी। पुलिस अब पुराने विवाद और हालिया हमले के बीच कड़ी जोड़कर पूरे मामले की जांच कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button