Uttar Pradesh

आगरा को मिला सेंटर ऑफ एक्सीलेंस : चमकेगा खेल भविष्य, ताजनगरी बनेगी ओलंपियनों की नर्सरी

हाई-टेक स्पोर्ट्स कॉलेज बनेगा, अब मंडल में ही निखरेंगी खेल प्रतिभाएं, पढ़ाई के साथ मिलेगी आधुनिक ट्रेनिंग, योगी सरकार ने मंडल स्तर पर स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए मंजूर किए 80 करोड़ रुपये

आगरा, 15 फरवरी 2026:

यूपी को खेलों की दुनिया में नंबर वन बनाने के संकल्प के साथ प्रदेश सरकार ने युवाओं के सपनों को नई उड़ान दी है। बजट में प्रदेश के 10 मंडलों में नए स्पोर्ट्स कॉलेज खोलने का रोडमैप तैयार किया गया है। इसी कड़ी में आगरा मंडल को भी बड़ी सौगात मिली है। सरकार ने इन कॉलेजों के निर्माण के लिए कुल 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। आगरा में बनने वाले स्पोर्ट्स कॉलेज के लिए शुरुआती तौर पर करीब 8 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

‘एक मंडल-एक स्पोर्ट्स कॉलेज’ नीति के तहत आगरा में प्रस्तावित कॉलेज के लिए एत्मादपुर क्षेत्र में लगभग 50 हेक्टेयर भूमि चिन्हित की गई है। प्रशासनिक जांच पूरी होते ही प्रस्ताव शासन को भेजा जाएगा। लंबे समय से ताजनगरी के खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था लेकिन अब उन्हें घर के पास ही अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप सुविधाएं मिलेंगी।

प्रस्तावित स्पोर्ट्स कॉलेज को केवल एक शिक्षण संस्थान नहीं बल्कि ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। परिसर में अत्याधुनिक खेल मैदान, प्रशासनिक भवन, आवासीय हॉस्टल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व्यवस्था एक साथ होगी। सरकार का लक्ष्य खिलाड़ियों को पढ़ाई और खेल दोनों में समान रूप से सक्षम बनाना है जिससे उनका सर्वांगीण विकास हो सके। यह मॉडल ग्रामीण इलाकों की छिपी प्रतिभाओं को मंच देने में भी मददगार होगा।

सरकार की दीर्घकालिक योजना 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और 2036 के ओलंपिक में भारत की पदक संभावनाओं को मजबूत करने की है। आगरा का यह संस्थान भविष्य के ओलंपियनों की नर्सरी बनने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है। आगरा में बनने जा रहा स्पोर्ट्स कॉलेज ताजनगरी के खेल भविष्य को नई पहचान देने वाला बदलाव साबित होगा।

खेल जगत ने फैसले का स्वागत किया है। भारतीय महिला क्रिकेट टीम चयन समिति की पूर्व अध्यक्ष एवं पूर्व क्रिकेटर हेमलता काला का कहना है कि आगरा में प्रतिभाओं की कोई कमी नहीं थी। कमी थी तो सिर्फ उच्च स्तरीय संसाधनों की। स्पोर्ट्स कॉलेज बनने से बेटियों और युवाओं को घर पर ही अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग मिलेगी।

उत्तर प्रदेश हॉकी संघ के उपाध्यक्ष संजय गौतम ने इसे ग्रामीण प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंच बताया। आगरा हॉकी संघ के अध्यक्ष कमल चौधरी के अनुसार एक ही परिसर में पढ़ाई और खेल की व्यवस्था होने से अभिभावक भी बच्चों को खेल में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित होंगे।

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