राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 23 फरवरी 2026:
शिक्षा निदेशालय में प्रारम्भिक शिक्षा निदेशक के साथ भाजपा विधायक उमेश शर्मा काउ के समर्थकों द्वारा मारपीट और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक हिस्ट्रीशीटर सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इधर, घटना के विरोध में विभाग के मिनिस्ट्रीयल कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया है, जिससे शिक्षा विभाग में कामकाज प्रभावित हो गया है।
पुलिस के मुताबिक 21 फरवरी को हुई घटना की जांच के दौरान प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर हिस्ट्रीशीटर अरविन्द पुंडीर व अन्य आरोपी लक्ष्मण नवानी, राकेश थपलियाल और अक्षय राणा को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का कहना है कि सरकारी दफ्तर में हंगामा और सरकारी काम में बाधा डालने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। मामले की जांच अभी जारी है।

विवाद के बाद भड़का कर्मचारियों का गुस्सा
घटना के विरोध में कर्मचारियों ने पहले से घोषित कार्यक्रम के तहत हड़ताल शुरू कर दी है। कर्मचारियों ने बोर्ड परीक्षाओं से जुड़े काम को छोड़ बाकी सभी दफ्तरों का काम करने से इंकार कर दिया है। वहीं प्राथमिक शिक्षकों ने विरोध जताते हुए काली पट्टी बांधकर पढ़ाई कराई। आज दोपहर शिक्षकों और कर्मचारियों की संयुक्त बैठक बुलाई गई है, जिसमें आंदोलन की अगली रणनीति तय की जाएगी।
नाम बदलने के मुद्दे पर बढ़ा था विवाद
बताया जा रहा है कि 21 फरवरी को भाजपा विधायक उमेश शर्मा काउ प्राथमिक विद्यालय के नाम बदलने से जुड़े मामले को लेकर शिक्षा निदेशालय पहुंचे थे। इसी दौरान निदेशक और विधायक के बीच बातचीत के दौरान विवाद बढ़ गया। आरोप है कि समर्थकों ने कार्यालय में कुर्सियां और सामान फेंक दिया तथा तोड़फोड़ की। इस दौरान निदेशक समेत कई लोगों को चोटें आईं। घटना के बाद निदेशक अजय कुमार नौडियाल की तहरीर और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर थाना रायपुर में विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं विधायक की सुरक्षा में तैनात कांस्टेबल सुशील रमोला की ओर से भी क्रॉस केस दर्ज कराया गया है।






