लखनऊ, 27 फरवरी 2026:
चार दिन के सिंगापुर और जापान दौरे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार सुबह लखनऊ लौट आए। चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। लौटने के बाद उन्होंने इस यात्रा को उत्तर प्रदेश के औद्योगिक भविष्य के लिए अहम बताया।
सरकार के मुताबिक दौरे के दौरान प्रदेश को करीब 1.5 लाख करोड़ रुपये के एमओयू और 2.5 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। इन परियोजनाओं के जमीन पर उतरने से पांच लाख से अधिक युवाओं के लिए रोजगार के मौके बनने की उम्मीद जताई जा रही है।
लगातार बैठकों और रोड शो से निवेशकों तक पहुंच
विदेश दौरे के चार दिनों में कार्यक्रम काफी व्यस्त रहा। इस दौरान करीब 60 से ज्यादा आधिकारिक बैठकें और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए गए। निवेश आकर्षित करने के लिए तीन बड़े रोड शो भी हुए। पहला सिंगापुर में, दूसरा टोक्यो में और तीसरा जापान के यामानाशी प्रांत में आयोजित किया गया।
इन कार्यक्रमों में लगभग 450 से 500 निवेशक, उद्योगपति और वित्तीय संस्थानों के प्रतिनिधि शामिल हुए। निवेशकों ने उत्तर प्रदेश के बाजार और औद्योगिक संभावनाओं में खास दिलचस्पी दिखाई।
बैठकों के दौरान प्रदेश की औद्योगिक नीति, बेहतर होती कानून-व्यवस्था, तेजी से विकसित हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर और बड़े उपभोक्ता बाजार को विस्तार से पेश किया गया। इसी के आधार पर कई क्षेत्रों में निवेश प्रस्ताव सामने आए। इनमें ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, डेटा सेंटर, लॉजिस्टिक्स, डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग, स्किल डेवलपमेंट और शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रमुख रहे। मुख्यमंत्री ने इन्वेस्ट यूपी और संबंधित विभागों को निवेश प्रस्तावों को जल्द आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह दौरा सिर्फ निवेश जुटाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इससे उत्तर प्रदेश की वैश्विक पहचान भी मजबूत हुई है। विदेशी कंपनियों के साथ सीधे संवाद से प्रदेश को नई तकनीक, पूंजी और रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद बढ़ी है। सरकार का दावा है कि अगर निवेश प्रस्ताव तय समय पर लागू होते हैं तो आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश औद्योगिक विकास की रफ्तार में देश के अग्रणी राज्यों में शामिल हो सकता है।






