Uttar Pradesh

यौन उत्पीड़न मामले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद को राहत… हाईकोर्ट ने गिरफ्तारी पर लगाई रोक

अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित, जांच में सहयोग करने का कोर्ट का निर्देश, शंकराचार्य को राहत पर मठ में छाई खुशी

प्रयागराज, 27 फरवरी 2026:

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न से जुड़े मामले में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने अग्रिम जमानत पर फैसला सुरक्षित रखते हुए आदेश दिया है कि निर्णय आने तक उनकी गिरफ्तारी नहीं की जाएगी। साथ ही अदालत ने उन्हें जांच में पूरा सहयोग करने का निर्देश भी दिया है।

मामले की सुनवाई जस्टिस जितेंद्र कुमार सिन्हा की एकल पीठ में हुई। अदालत में शंकराचार्य की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता पीएन मिश्रा ने पक्ष रखा, जबकि राज्य सरकार की तरफ से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल पेश हुए। शिकायतकर्ता पक्ष की ओर से अधिवक्ता रीना सिंह ने दलीलें दीं। अब मामले की अगली सुनवाई मार्च के तीसरे सप्ताह में होने की संभावना है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने साफ किया कि अंतिम फैसला आने तक गिरफ्तारी नहीं होगी। साथ ही शंकराचार्य को जांच एजेंसियों के साथ सहयोग करना होगा। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद शंकराचार्य ने कहा कि संस्था को बदनाम करने की कोशिश की गई है। उनका कहना था कि मामला झूठा बनाया गया और आरोप लगाने वाले कभी आश्रम में रहे ही नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि न्याय व्यवस्था पर भरोसा बनाए रखना जरूरी है और सच सामने आएगा।

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बता दें कि आशुतोष ब्रह्मचारी ने अदालत में याचिका दाखिल की थी। इसके बाद विशेष अदालत के आदेश पर झूंसी थाने में शंकराचार्य के खिलाफ बटुकों के यौन उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज किया गया। इसी मामले में 24 फरवरी को शंकराचार्य ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। गिरफ्तारी पर रोक के आदेश के बाद उनके मठ में समर्थकों के बीच राहत और खुशी का माहौल देखा गया।

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