लखनऊ, 1 मार्च 2026 :
इजरायल-ईरान में जारी जंग की देखते हुए उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने इजराइल में काम कर रहे प्रदेश के हजारों श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है। बता दें कि इस वक्त प्रदेश के कुल 6,004 निर्माण श्रमिक इजराइल की विभिन्न निर्माण कंपनियों और परियोजनाओं में कार्यरत हैं। इन श्रमिकों का चयन राष्ट्रीय कौशल विकास निगम (एनएसडीसी) और इजराइल की सरकारी संस्था पीबा (Population, Immigration and Border Authority) के माध्यम से वर्ष 2024 में किया गया था।
इन श्रमिकों ने पिछले साल इज़राइल से करीब 1,400 करोड़ रुपये की धनराशि उत्तर प्रदेश भेजी थी, जो राज्य की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण योगदान रहा है। लेकिन अब क्षेत्र में जारी मिसाइल हमलों, एयर स्ट्राइक्स और आपातकालीन स्थिति के कारण उनकी सुरक्षा चिंता का विषय बन गई है। सरकार के मुताबिक सभी श्रमिक नियमित रूप से अपने कार्यस्थलों पर काम कर रहे हैं और उनके कुशलक्षेम पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
इस बीच भारतीय दूतावास, तेल अवीव ने इजरायल में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए सुरक्षा परामर्श जारी कर सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है। श्रम, सेवायोजन एवं समन्वय मंत्री अनिल राजभर ने श्रमिकों और उनके परिवारों को आश्वस्त करते हुए बताया कि सरकार उनकी सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रमुख सचिव श्रम एवं सेवायोजन डॉ. एमके शन्मुगा सुन्दरम् ने भारत के राजदूत जेपी सिंह से वार्ता की, जिसमें दूतावास ने स्थिति नियंत्रण में होने की जानकारी दी।
आपात स्थिति में नागरिक हेल्पलाइन नंबर जारी : +972-54-7520711, +972-54-2428378 या ईमेल cons1.telaviv@mea.gov.in पर संपर्क कर सकते हैं।






