लखनऊ/झांसी, 3 मार्च 2026:
कभी सूखे और पलायन की खबरों के लिए चर्चा में रहने वाला बुंदेलखंड अब नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति की नई पहचान गढ़ रहा है। झांसी के अर्बन हाट में आयोजित दो दिवसीय बीवीएस स्टार्टअप एक्सपो-2026 ने इस परिवर्तन को सशक्त मंच प्रदान किया। आयोजन ने स्पष्ट संकेत दिया कि झांसी अब क्षेत्रीय सीमाओं से आगे बढ़कर राष्ट्रीय स्टार्टअप मानचित्र पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में अग्रसर है।
एक्सपो के पहले दिन शिक्षा तकनीक, हेल्थ-टेक, सोलर ऊर्जा, डिजिटल सेवाएं, ई-लाइब्रेरी, सुरक्षा समाधान, कृषि नवाचार और ट्रैवल सेक्टर से जुड़े स्टार्टअप्स ने अपने उत्पाद और सेवाएं प्रदर्शित कीं। विद्यार्थियों, उद्योग प्रतिनिधियों और संभावित ग्राहकों की सक्रिय भागीदारी से पूरा परिसर जीवंत नजर आया। नॉलेज पार्टनर के रूप में जुड़े आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने स्टार्टअप्स को तकनीकी मजबूती, स्केलेबिलिटी, निवेश आकर्षण और प्रोडक्ट-मार्केट फिट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर व्यावहारिक मार्गदर्शन दिया। इससे नवोदित उद्यमियों को अपने विचारों को व्यवसायिक सफलता में बदलने की ठोस दिशा मिली।

दूसरे दिन आयोजित पिच सर्कल और इन्वेस्टर कनेक्ट सत्र कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा। राइज इन्क्यूबेशन सेंटर से जुड़े 18 स्टार्टअप्स ने देश के विभिन्न शहरों से आए 28 निवेशकों के सामने अपने बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए। शिक्षा तकनीक से लेकर एग्री-टेक और डिजिटल समाधान तक विविध क्षेत्रों के स्टार्टअप्स ने विस्तार योजनाओं और निवेश आवश्यकताओं को प्रभावी ढंग से रखा।
‘एजुट्रैक’ स्टार्टअप विशेष चर्चा में रहा। इसने स्कूलों के लिए एआई आधारित डिजिटल समाधान पेश किए, जिनमें एआई टीचर सिस्टम, छात्र लोकेशन ट्रैकिंग और स्कूल ऑपरेशंस मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म शामिल हैं। इन नवाचारों ने निवेशकों का खास ध्यान आकर्षित किया और कई स्टार्टअप्स को आगे की निवेश प्रक्रिया के लिए सकारात्मक संकेत भी प्राप्त हुए।
झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड की सीईओ एवं नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने कहा कि इस एक्सपो का उद्देश्य युवाओं को निवेशकों, विशेषज्ञों और मेंटर्स से सीधे जोड़ना था। उन्होंने दोहराया कि स्मार्ट सिटी प्रशासन नवाचार आधारित उद्यमिता को संस्थागत समर्थन देने के लिए प्रतिबद्ध है।







