गोरखपुर, 4 मार्च 2026:
होली के पावन महापर्व पर बुधवार को गोरखपुर का ऐतिहासिक घंटाघर रंग, भक्ति और उत्साह से सराबोर हो उठा। यहां से गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भगवान नृसिंह की रंगभरी शोभायात्रा का शुभारंभ किया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और श्री होलिकोत्सव समिति की ओर से निकाली गई इस भव्य शोभायात्रा में उमड़े जनसैलाब को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने सनातन धर्म की मूल भावना मर्यादा, भक्ति, जीवंतता और समरसता को भारत की असली ताकत बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के लोगों के लिए यह गर्व का विषय है कि मर्यादा, शाश्वत चेतना, भक्ति और समरसता के प्रतीक सभी प्रमुख विरासत स्थल इसी भूमि पर स्थित हैं। उन्होंने अयोध्या को मर्यादा की धरती, वाराणसी (काशी) को शाश्वत चेतना का प्रतीक, मथुरा-वृंदावन को भक्ति की भूमि और प्रयागराज को समरसता की त्रिवेणी बताया जहां बिना भेदभाव हर वर्ग आस्था की डुबकी लगाता है।

सीएम योगी ने देश में विरासत संरक्षण के नए अध्याय का उल्लेख करते हुए काशी विश्वनाथ धाम, राम मंदिर अयोध्या, केदारनाथ मंदिर, महाकाल लोक और सोमनाथ मंदिर जैसे धामों के भव्य स्वरूप का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है। इससे ‘एक भारत-श्रेष्ठ भारत’ की परिकल्पना साकार हो रही है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने बताया कि इस वर्ष होली का पर्व इसलिए भी विशेष है क्योंकि यह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शताब्दी वर्ष है। उन्होंने संघ के अनुशासन और सामाजिक समरसता के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि लाखों कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र की एकता-अखंडता के लिए जीवन समर्पित किया है। इससे पूर्व मुख्यमंत्री ने भगवान नृसिंह का विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर आरती उतारी और नारियल, गुझिया, फूल व अबीर-गुलाल अर्पित किए। पूजा के बाद वे स्वयं होली के रंग में रंगे नजर आए।
उन्होंने जनसमूह पर फूलों की पंखुड़ियां और अबीर-गुलाल उड़ाया। ‘जय श्रीराम’ और ‘हर-हर महादेव’ के उद्घोष के बीच पूरा वातावरण उत्सवी उमंग से गूंज उठा। कार्यक्रम में सांसद रवि किशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव सहित कई जनप्रतिनिधि और संत उपस्थित रहे।






