सीतापुर, 7 मार्च 2026:
रेउसा क्षेत्र में एक निजी अस्पताल में प्रसूता की मौत के मामले में अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही पकड़ी गई है। इस मौत पर परिजन तो हंगामा कर मन मसोसते हुए वापस चले गए लेकिन डीएम ने संज्ञान लेकर जांच कराई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेउसा के अधीक्षक ने इस मामले में थाना रेउसा में अस्पताल संचालक और पंजीकृत स्टाफ के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. अनंत का कहना है कि तंबौर रोड, रेउसा स्थित उजाला सेवा हॉस्पिटल का संचालन विनय मिश्रा द्वारा किया जा रहा है। बताया गया कि 4 मार्च को दोपहर करीब 1 बजकर 5 मिनट पर एक गर्भवती महिला प्रीती को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

अस्पताल में भर्ती महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद उसे काफी देर तक वहीं रखा गया। आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने समय पर निर्णय नहीं लिया और करीब छह घंटे बाद शाम 7 बजकर 25 मिनट पर उसे दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया।
रेफर किए जाने के बाद महिला को इलाज के लिए ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। मृतका की पहचान प्रीती पत्नी विपिन कुमार, निवासी ग्राम इसरौली राजापुर थाना थानगांव, सीतापुर के रूप में हुई है। मामले की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी सीतापुर ने जांच के लिए टीम गठित की थी। जांच टीम की रिपोर्ट में अस्पताल प्रशासन की गंभीर लापरवाही को प्रसूता की मौत का कारण माना गया है। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रेउसा के अधीक्षक डॉ. अनंत मिश्रा ने थाना रेउसा में अस्पताल संचालक और संबंधित स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कराया।






