Uttar Pradesh

गांव-गांव खेल का मैदान : UP के हर ब्लॉक में बन रहे स्टेडियम, युवाओं को मिलेगी अंतरराष्ट्रीय स्तर की ट्रेनिंग

ग्रामीण खेल प्रतिभाओं को मिलेगा नया मंच, मल्टीपरपज हॉल और एथलेटिक्स ट्रैक से लैस होंगे सभी ब्लॉकों के स्टेडियम, खेल प्रशिक्षकों, प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर पैदा होंगे रोजगार के अवसर

लखनऊ, 7 मार्च 2026:

यूपी में खेल संस्कृति को मजबूत बनाने के लिए प्रदेश सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े स्तर पर खेल अवसंरचना विकसित कर रही है। इसी दिशा में प्रदेश के सभी विकास खंडों में ग्रामीण स्टेडियमों के निर्माण की महत्वाकांक्षी योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इन स्टेडियमों के बनने से गांवों के युवाओं को अपने ही क्षेत्र में आधुनिक खेल सुविधाएं और प्रशिक्षण उपलब्ध हो सकेगा।

सरकार की योजना के तहत हर विकास खंड में एक ग्रामीण स्टेडियम और ओपन जिम की स्थापना की जा रही है। इन स्टेडियमों में मल्टीपरपज हॉल, कम से कम 200 मीटर का एथलेटिक्स ट्रैक और विभिन्न आउटडोर खेलों के लिए मैदान विकसित किए जा रहे हैं। वर्तमान में प्रदेश के अलग-अलग जिलों में लगभग 30 परियोजनाओं पर निर्माण कार्य जारी है।

ग्रामीण क्षेत्रों में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है लेकिन संसाधनों और उचित मंच के अभाव में कई प्रतिभाएं आगे नहीं बढ़ पातीं। ऐसे में ग्रामीण स्टेडियम बनने से खिलाड़ियों को नियमित अभ्यास, प्रशिक्षण और स्थानीय स्तर पर प्रतियोगिताओं में भाग लेने का अवसर मिलेगा। इससे वे जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं तक अपनी पहुंच बना सकेंगे।

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प्रदेश सरकार का लक्ष्य है कि गांव-गांव में खेल संस्कृति को बढ़ावा मिले और ग्रामीण प्रतिभाएं राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन करें। इसी उद्देश्य से प्रदेश के स्पोर्ट्स कॉलेजों को सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इसके लिए जल्द ही खेल विभाग को संबंधित प्रस्ताव उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही स्पोर्ट्स कॉलेजों को स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से संबद्ध करने की भी योजना है। इससे खिलाड़ियों को व्यवस्थित ढांचे में उन्नत प्रशिक्षण और आधुनिक सुविधाएं मिल सकेंगी।

मुख्यमंत्री ने सभी डीएम को निर्देश दिए हैं कि जल्द से जल्द उत्तर प्रदेश खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति की बैठक आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के विकास के लिए उपलब्ध धनराशि का उपयोग खेल अवसंरचना को मजबूत करने, प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाने और प्रतियोगिताओं के आयोजन में प्रभावी ढंग से किया जाए।

इसके अलावा विकास खंड स्तर पर निर्माणाधीन ग्रामीण स्टेडियमों का कार्य निर्धारित मानकों और गुणवत्ता के अनुरूप समयबद्ध तरीके से पूरा कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। हर स्टेडियम में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से खेल प्रशिक्षकों की तैनाती भी सुनिश्चित की जाएगी।
सरकार की इस पहल से जहां युवाओं में खेलों के प्रति रुचि बढ़ेगी वहीं फिटनेस के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी। इसके साथ ही खेल प्रशिक्षकों, प्रतियोगिताओं और अन्य गतिविधियों के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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