Uttarakhand

उत्तराखंड बजट 2026: 1.11 लाख करोड़ का बजट पेश, गरीब-युवा-किसान और महिलाओं पर फोकस

नंदा गौरा योजना के लिए 220 करोड़, लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा आवंटन, कांग्रेस विधायकों ने किया हंगामा

योगेंद्र मलिक

देहरादून, 9 मार्च 2026:

उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 1,11,703.21 करोड़ रुपये का बजट सदन में पेश किया। भराड़ीसैंण (गैरसैंण) स्थित विधानसभा में पेश इस बजट में गरीब, युवा, किसान और महिलाओं के सशक्तिकरण पर खास जोर दिया गया है। बजट पेश करने के बाद सदन की कार्यवाही 10 मार्च सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। मंगलवार से बजट पर चर्चा शुरू होगी।

ज्ञान मॉडल से विकास का रोडमैप

इससे पहले सत्र की शुरुआत राज्यपाल गुरमीत सिंह के अभिभाषण से हुई। अभिभाषण के दौरान कांग्रेस विधायकों ने विरोध जताते हुए नारेबाजी की और बाद में सदन से वाकआउट किया। बजट पेश करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार विकास के लिए ज्ञान मॉडल पर काम कर रही है। इस मॉडल में गरीब, युवा, अन्नदाता यानी किसान और नारी सशक्तिकरण को विकास के चार अहम स्तंभ माना गया है। सरकार का लक्ष्य समाज के हर वर्ग को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उत्तराखंड को आत्मनिर्भर और मजबूत बनाना है।

गरीब कल्याण योजनाओं के लिए बड़े प्रावधान

गरीब और कमजोर वर्ग के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए कई योजनाओं में बजट बढ़ाया गया है। अन्नपूर्ति योजना के लिए 1300 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के लिए 298.35 करोड़ और प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी के लिए 56.12 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के आवास के लिए 25 करोड़ रुपये, परिवहन निगम की बसों में निर्धारित श्रेणी के यात्रियों को मुफ्त यात्रा सुविधा के लिए 42 करोड़ रुपये और रसोई गैस अनुदान के लिए 43.03 करोड़ रुपये रखे गए हैं। दिव्यांग, तीलू रौतेली और अन्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं के लिए 167.05 करोड़ रुपये तथा आपदा प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

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युवाओं के रोजगार और कौशल पर जोर

युवाओं को रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी बजट में कई योजनाओं को मजबूत किया गया है। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के लिए 60 करोड़ रुपये, पलायन रोकथाम योजना के लिए 10 करोड़ रुपये और पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के लिए 62.29 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। गैर सरकारी महाविद्यालयों को सहायता के लिए 155.38 करोड़ रुपये, शिक्षा मित्रों के मानदेय के लिए 10 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

किसानों की आय बढ़ाने पर फोकस

बजट में किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए भी कई योजनाओं को शामिल किया गया है। ट्राउट प्रोत्साहन योजना के लिए 39.90 करोड़ रुपये, मिशन एप्पल के लिए 42 करोड़ रुपये और दुग्ध उत्पादकों को प्रोत्साहन देने के लिए 32 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। दीनदयाल उपाध्याय सहकारिता किसान कल्याण योजना के लिए 42.50 करोड़ रुपये, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के लिए 160.13 करोड़ रुपये और मिलेट मिशन के लिए 12 करोड़ रुपये तय किए गए हैं। किसान पेंशन योजना के लिए 12.06 करोड़ रुपये भी रखे गए हैं।

बेटियों और महिलाओं के लिए खास घोषणाएं

महिलाओं और बेटियों के स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक सशक्तिकरण को ध्यान में रखते हुए भी कई योजनाओं के लिए बजट तय किया गया है। नंदा गौरा योजना के लिए 220 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना के जरिए बेटियों के जन्म से लेकर उनकी पढ़ाई तक आर्थिक मदद दी जाती है। इसके अलावा प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के लिए 47.78 करोड़ रुपये और मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना के लिए 30 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

सरकार ने महिला पोषण योजना, आंचल अमृत योजना और स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने के लिए भी बजट में अलग प्रावधान किए हैं। विभागवार आवंटन में इस बार लोक निर्माण विभाग को सबसे ज्यादा बजट दिया गया है, जबकि कला एवं संस्कृति विभाग को सबसे कम धनराशि मिली है।

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