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योगी कैबिनेट के 30 बड़े फैसले : गांव-गांव बस सेवा, रजिस्ट्री में सख्ती और शिक्षकों को कैशलेस इलाज

रजिस्ट्री से पहले खतौनी मिलान अनिवार्य, फर्जीवाड़े पर लगेगी लगाम, ओला-उबर जैसी कंपनियों को भी कराना होगा परिवहन विभाग में रजिस्ट्रेशन, अयोध्या स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मेरठ लॉजिस्टिक्स क्लस्टर समेत कई विकास प्रस्ताव पास

लखनऊ, 10 मार्च 2026:

यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को लोक भवन में हुई कैबिनेट बैठक में प्रदेश के विकास, पारदर्शिता और जनसुविधाओं से जुड़े 30 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई। सरकार ने जमीनों की रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू करने के साथ ही ग्रामीण परिवहन, आवास, कर्मचारियों की आचरण नियमावली और शिक्षकों के स्वास्थ्य सुविधाओं में बड़े बदलाव किए हैं।

कैबिनेट के फैसलों की जानकारी देते हुए मंत्रियों ने बताया कि अब किसी भी संपत्ति की रजिस्ट्री से पहले विक्रेता का नाम खतौनी से मिलान किया जाएगा। यदि नाम में अंतर पाया जाता है तो रजिस्ट्रेशन विभाग इसकी जांच करेगा। इस कदम का उद्देश्य जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाना है। सरकार ने स्टांप शुल्क से संबंधित प्रावधानों में भी बदलाव किया है। इसके तहत निकायों को मिलने वाली राशि अब उपयोगिता प्रमाण पत्र (यूसी) के बजाय छमाही आधार पर जारी की जाएगी।

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प्रदेश की 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जाएगा जोड़ा

ग्रामीण क्षेत्रों के लिए सरकार ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश की 59,163 ग्राम सभाओं को बस सेवा से जोड़ा जाएगा। खासतौर पर उन 12,200 गांवों तक पहली बार बस सेवा पहुंचाई जाएगी, जहां अभी तक कोई बस नहीं चलती थी। इन गांवों के लिए 28 सीटर छोटी बसों का संचालन किया जाएगा ताकि संकरी ग्रामीण सड़कों पर भी आसानी से सेवा दी जा सके। योजना के तहत बसों को परमिट, अनुबंध और टैक्स से छूट दी गई है तथा निजी क्षेत्र को भी संचालन की अनुमति दी जाएगी। बस संचालन का अनुबंध 10 वर्षों के लिए होगा, जबकि बसों की अधिकतम आयु 15 वर्ष तय की गई है।

पीएम आवास योजना (शहरी) के मकान की लागत सीमा बढ़ी

आवास के क्षेत्र में भी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत 22 वर्गमीटर तक के मकान की लागत सीमा 6 लाख रुपये से बढ़ाकर 9 लाख रुपये कर दी गई है। अब 30 वर्गमीटर तक मकान बनाया जा सकेगा। इसमें 1 लाख रुपये राज्य सरकार और 1.5 लाख रुपये केंद्र सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी। इसके अलावा कांशीराम आवास योजना के खाली पड़े मकानों की मरम्मत कर उन्हें दलित परिवारों को देने का निर्णय लिया गया है।

सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण नियमावली को किया गया और सख्त

सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण नियमावली को भी और सख्त किया गया है। अब यदि कोई कर्मचारी अपने दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति खरीदता है तो उसे इसकी सूचना संबंधित अधिकारी को देनी होगी। वहीं छह माह के मूल वेतन से अधिक शेयर बाजार में निवेश करने पर भी इसकी घोषणा करना अनिवार्य होगा। इसके साथ ही कर्मचारियों को हर वर्ष अपनी अचल संपत्ति का विवरण देना होगा।

इन शिक्षकों को मिलेगी कैशलेस चिकित्सा सुविधा

कैबिनेट ने शिक्षकों के लिए भी राहत भरा फैसला लिया है। अब सहायता प्राप्त महाविद्यालयों और राज्य विश्वविद्यालयों के शिक्षकों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। इस योजना में लगभग 1.28 लाख शिक्षकों को लाभ मिलने की उम्मीद है। प्रति शिक्षक करीब 2479 रुपये का प्रीमियम आएगा, जिससे राज्य सरकार पर लगभग 31.92 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा। योजना में निजी अस्पतालों को भी शामिल किया जाएगा ताकि शिक्षकों को बेहतर इलाज के अधिक विकल्प मिल सकें।

कानपुर ट्रांसगंगा सिटी को जोड़ने के लिए गंगा पर चार लेन पुल का निर्माण

इसके अलावा अयोध्या में स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स के निर्माण के लिए भूमि हस्तांतरण, मेरठ में लॉजिस्टिक्स क्लस्टर की स्थापना, कानपुर ट्रांसगंगा सिटी को जोड़ने के लिए गंगा पर चार लेन पुल का निर्माण और बुंदेलखंड में डेयरी संयंत्रों की क्षमता बढ़ाने जैसे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों से प्रदेश में पारदर्शिता बढ़ेगी, ग्रामीण कनेक्टिविटी मजबूत होगी और आम लोगों को सीधे लाभ मिलेगा।

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