लखनऊ, 12 मार्च 2026:
यूपी में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए योगी सरकार लगातार नए कदम उठा रही है। इस क्रम में बेसिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण को लेकर शासकीय और वित्तीय स्वीकृतियां जारी कर दी हैं। इन विद्यालयों में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई एक ही परिसर में आधुनिक सुविधाओं के साथ कराई जाएगी।
बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि लखनऊ के मलिहाबाद सहित बहराइच, चंदौली, मिर्जापुर, लखीमपुर खीरी, फतेहपुर, गाजियाबाद, कानपुर देहात, वाराणसी, कौशांबी, फर्रुखाबाद, अमेठी और उन्नाव समेत कई जिलों में मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालयों के निर्माण के लिए शासनादेश जारी कर दिए गए हैं। हर विद्यालय के निर्माण पर लगभग 23 से 28 करोड़ रुपये तक की लागत स्वीकृत की गई है। साथ ही प्रथम किस्त के रूप में संबंधित कार्यदायी संस्थाओं को धनराशि भी जारी कर दी गई है।
मंत्री ने बताया कि इन मॉडल स्कूलों की स्थापना से विद्यार्थियों को एक ही परिसर में आधुनिक शिक्षण सुविधाएं मिलेंगी। विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, आधुनिक प्रयोगशालाएं, खेल मैदान, पुस्तकालय और अन्य जरूरी संसाधन विकसित किए जाएंगे। इससे खासतौर पर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिलेगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के हर बच्चे को बेहतर शैक्षिक वातावरण और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री मॉडल कंपोजिट विद्यालय इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होंगे जिससे शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा और विद्यार्थियों को भविष्य में बेहतर अवसर मिलेंगे।
इन विद्यालयों का निर्माण उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड, लोक निर्माण विभाग, कंसल्टेंसी एंड डिजाइन सर्विसेज (यूपी जल निगम), समाज कल्याण निर्माण निगम और आवास एवं विकास परिषद जैसी नामित कार्यदायी संस्थाओं के माध्यम से कराया जाएगा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि सभी परियोजनाएं तय समय सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ पूरी की जाएं जिससे छात्रों को जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।






