राजकिशोर तिवारी
देहरादून, 16 मार्च 2026:
कांग्रेस की चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष और पूर्व मंत्री हरक सिंह रावत ने रसोई गैस की कमी और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के इस्तेमाल को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला। उनका कहना है कि देश में गैस की गंभीर किल्लत पैदा हो गई है, जिससे आम लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं।
कांग्रेस भवन में आयोजित प्रेस वार्ता में रावत ने कहा कि कई इलाकों में गैस सिलेंडर के लिए हाहाकार जैसी स्थिति है। लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा, इससे कालाबाजारी बढ़ रही है। इसका सबसे ज्यादा असर आम परिवारों और छोटे कारोबारियों पर पड़ रहा है। करीब 83 प्रतिशत उपभोक्ताओं तक नियमित गैस आपूर्ति नहीं पहुंच पा रही है।
उन्होंने कहा कि हालात ऐसे हैं कि कई छोटे होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं। कुछ जगहों पर लोगों को चाय तक नसीब नहीं हो रही। रावत ने आशंका जताई कि आने वाले दिनों में तेल की कमी भी सामने आ सकती है।
रावत के मुताबिक सरकार ने शहर और गांव के लिए गैस बुकिंग के अलग नियम बना दिए हैं, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस स्थिति के लिए केंद्र सरकार की विदेश नीति भी जिम्मेदार है। उनका कहना है कि पहले देश में रसोई गैस का करीब 44 प्रतिशत आयात होता था, जो अब बढ़कर 66 प्रतिशत तक पहुंच गया है, फिर भी लोगों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल रहा। दाम बढ़ने के बाद भी गैस की उपलब्धता न होना सरकार की नीतियों की नाकामी दिखाता है। कई जगह उपभोक्ता मजबूरी में ब्लैक में सिलेंडर खरीद रहे हैं।
प्रेस वार्ता के दौरान रावत ने मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष के इस्तेमाल पर भी सवाल उठाए। उनका आरोप है कि भाजपा से जुड़े कुछ लोगों और उनके परिवारों को इस कोष से हर साल लाखों रुपये दिए जा रहे हैं, जबकि जरूरतमंद गरीबों को महज दो से तीन हजार रुपये की मदद मिलती है। राजनीतिक फायदा लेने के लिए विवेकाधीन कोष की बंदरबांट की जा रही है, जो एक बड़े घोटाले की ओर इशारा करता है। इस मौके पर कांग्रेस की मुख्य प्रवक्ता गरिमा दसौनी, शीशपाल सिंह, लाल चंद शर्मा और विनोद चौहान भी मौजूद रहे।






